बढ़ते प्लास्टिक के प्रयोग से भुगतना होगा गंभीर दुष्परिणाम

शहर की लगभग एक लाख अबादी प्रतिदिन समानों की खरीदारी में पॉलीथिन का कर रही उपयोग हर ओर फैला रहता है कचारा बांका : शहर के विभिन्न वार्डों, सरकारी कार्यालय परिसर व चौक चौराहों के समीप कूड़े का अंबार लगा हुआ हैं. इन कूड़े में ज्यादतर पॉलीथिन व प्लास्टिक की बोतलें मौजूद है़ शहर में […]

शहर की लगभग एक लाख अबादी प्रतिदिन समानों की खरीदारी में पॉलीथिन का कर रही उपयोग

हर ओर फैला रहता है कचारा
बांका : शहर के विभिन्न वार्डों, सरकारी कार्यालय परिसर व चौक चौराहों के समीप कूड़े का अंबार लगा हुआ हैं. इन कूड़े में ज्यादतर पॉलीथिन व प्लास्टिक की बोतलें मौजूद है़ शहर में बेतरकीब तरीके से यत्र-तत्र फैली इस प्लास्टिक व पॉलीथिन से शहरवासियों सहित आमलोगों की सेहत पर बुरा असर पडने की संभावना बनी हुई हैं. जिससे आम शहरी आज तक सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने हुए है और शहर की करीब एक लाख अबादी प्रतिदिन अपने रोजमर्रा के समानों की खरीदारी पॉलीथिन में ही कर रहे है़
प्लस्टिक के रसायनिक गुण
लगभग सभी प्लास्टिक कार्बन से बनती हैं और जलने के बाद भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस का विसर्जन करती हैं. रसायनिक गुण के अनुसार इसमें नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड गैस पाया जाता हैं. जो बारिस के समय गैसीय स्टेज में हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एमसीएल) बनकर वातावरण में पहॅुचकर अम्ल वर्षा का रूप धारण कर लेती हैं. सभी तरह के प्लास्टिक घुलनशील नहीं होते है़ यह सडता-गलता भी नहीं हैं. जलने पर वातावरण को दुषित कर पर्यावरण को नुकसान पहॅुचाता है एवं तापमान में वृद्वि कर वातारवण को दुषित करते हुए ग्लेसियर को पिघलाती हैं.
शहर में पड़ा प्लास्टिक कूड़े का अंबार.
एक सप्ताह में प्रतिमा हटाने का निर्देश

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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