परेशानी. शहर में कहीं बालू, कहीं कूड़ा-कचरा का दिखने लगा है अंबार
पर्व-त्योहार का मौसम खत्म होने के बाद अब शहर में फिर से चौक-चौराहों पर कूड़ा-कचरा दिखने लगा है. इससे शहरवासियों को नाक रुमाल या तौलिया से ढंक कर गुजरना पड़ता है.
बांका : पर्व त्योहार के समय शहर जहां साफ-सुथरा नजर आ रही थी. वहीं त्योहार का मौसम समाप्त होने के साथ ही पुन: शहर में गंदगी का अंबार दिखने लगा है. यहां के विभिन्न चौक-चौराहों सहित मुहल्ले आदि में कूड़ा-कचड़ा यत्र-तत्र बिखरने लगे हैं. जिससे आम लोगों को इस मार्ग से गुजरने के वक्त में नाक ढंक कर या तोलिया रखकर चलना पड़ता है.
मुख्य चौराहों की भी स्थिति नहीं है ठीक
शहर के मुख्य बाजार की बात करे तो गांधी चौक, शिवाजी चौक, जेल गेट सहित अन्य चौकों पर प्रतिदिन सैकड़ों फल आदि की दुकानें सजती हैं. जहां दुकानदार शाम में अपना दुकान बंद करने के वक्त में सढ़ा हुआ फल व विभिन्न खराब समानों को बीच सड़क पर ही फेंक कर चल देते हैं. इसके बाद यह कचरा सड़क पर चलने वाली वाहनों के साथ-साथ पूरे मार्ग पर फैल जाती है.
जिसे देखने वाला कोई नहीं है. हालात यह है कि इन सड़े हुए कचरे से सड़ांघ बदबू निकलते रहती है. जिससे आम शहरी सहित स्कूल जाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को घोर परेशानियों का समना करना पड़ता है.
सड़क पर फैला बालू व कचरे का ढेर.
सड़क पर पसरे बालू से होता है हादसा
वहीं शहर के मुख्य मार्ग सहित विभिन्न सड़कों पर आये दिन मकान निर्माण होने को लेकर मकान बनाने वालों द्वारा प्रतिदिन बीच सड़क पर ही बालू, छर्री व ईट आदि को गिरा कर रखा जाता है.
ऐसे में उन सकड़ों पर परिचालन करने वाले कई छोटे बड़े वाहन इसके चपेट में आकर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं. साथ ही साथ साइकिल सवार सहित अन्य राहगीरों को भी आये दिन कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कई स्कूली छात्र सड़क पर पड़े इस बालू की चपेट में आ रहे है. ऐसी स्थिती शहर के लगभग कई सड़कों पर देखी जा रही है. उधर नगर प्रशासन भी सबकुछ देखते हुए अनजान बने रहते है.
बोले पदाधिकारी
मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी. इस प्रकार की परेशानी से शहरवासियों को जल्द ही राहत मिलेगी.
बीके तरूण, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत
आइजी पहुंचे गुरुधाम, लिया जायजा
