बांका : काली पूजा को लेकर शहर से लेकर जिले भर में 10 रुपये का नकली सिक्का चलाने वाला गिरोह का मामला सामने आया है. बाजारों में नकली सिक्के के आ जाने की जानकारी दुकानदारों को होने पर स्थानीय दुकानदार 10 रुपये का सिक्का ग्राहकों से नहीं ले रहे हैं. जिस वजह से ग्राहकों व दुकानदारों में काफी खिच-खिच भी होते हुए देखी गयी.
10 रुपये का असली व नकली सिक्के में काफी समानता है. दुकानदार भी चकमा खा जाते हैं. 10 रुपये का असली व नकली सिक्के का रंग व साइज एक ही प्रकार का है. लेकिन असली सिक्के के एक साइड में उपर के भाग में 10 छोटी-छोटी लाइनें खिंची हुए है. जबकि नकली सिक्के में 10 से अधिक लाइन खिंची हुए है वो भी बड़े आकर का. असली सिक्के के एक साइड में रुपये का प्रतीक चिह्न बना हुआ है. जबकि नकली सिक्के में रुपये का प्रतीक चिह्न है ही नहीं. असली सिक्के के दोनों साइडों में किसी भी प्रकार का वायें से दायां लाइन नहीं खिंचा हुआ है. जबकि नकली सिक्के के एक साइड में बायां से दायां ऊपर व नीचे दोनों जगह लाइन खिंचा हुआ है.
