दीपावली में दस दिन शेष, नहीं हो रही पहल
बांका : नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या आठ इन दिनों गंदगी के ढेर पर खड़ा है. जबकि दीपावली पर्व आने में 10 दिन भी शेष नहीं बचे हैं. बावजूद इसके नगर पंचायत इस दिशा में उदासीन बना हुआ है. बांका नगर पंचायत के अति महत्वपूर्ण वार्डों में यह वार्ड है. जहां पर अति प्राचीन मां दुर्गा का मंदिर एवं शिवालय स्थित है. जिसमें प्रतिदिन सैकडों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु पूजा करने को आते हैं लेकिन उक्त वार्ड की स्थिति, साफ-सफाई एवं नाले के मामले में इतनी खराब है कि कुछ कहा ही नहीं जा सकता. उक्त वार्ड के वार्ड पार्षद की धमक काफी है. साथ ही उक्त वार्ड पार्षद जदयू के जिलाध्यक्ष भी है.
बावजूद इसके वार्ड की स्थिति इतनी खराब है कि लोगों का वार्ड पार्षद से जो उम्मीदें जुड़ी हुई थी वो समाप्त हो गयी है. वार्ड के कुछ हिस्सों में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में नाले हैं. जबकि वार्ड के अधिकतर हिस्से में नाला है ही नहीं. वहीं वार्डवासी मजबूरी बस अपने घरों का पानी सड़क पर बहाने को मजबूर है जिससे पूजा पाठ करने के लिए आने – जाने वाले श्रद्धालुओं को बीच सड़क पर बह रहे पानी से होकर ही जाना होता है.
दुर्गंध के कारण नाक ढंक कर गुजरना बनी मजबूरी
नाला की भी सफाई नहीं
वार्ड के जानकी देवी, जयकृष्ण झा, चंद्रशेखर झा, रमेश झा, कुणाल कश्यप, सुलोचना देवी एवं रामा ज्योति देवी ने बताया कि शहर के अन्य वार्डों को देखते हैं तो अपने वार्ड की स्थिति को देखकर बहुत ही बुरा लगता है कि हमारा वार्ड कितना पिछड़ा हुआ है जहां पर मूलभुत सुविधा भी वार्डवासी को नसीब नहीं हो पा रहा है. हमारे वार्ड में पूरी तरह नाला का निर्माण भी नहीं हो पाया है और न ही समय-समय पर जो नाला है उसकी सफाई होती है. जहां पर नाला है जबतक वो पूरा भरकर रोड पर उसका गंदा पानी नहीं बहता तबतक ना तो नगर पंचायत की नींद खुलती है और ना ही वार्ड पार्षद की.
वार्ड में नगर पंचायत के द्वारा कूड़ा दान रखवाया गया है लेकिन कूड़ा दान भर जाने के बाद भी नगर पंचायत के सफाई कर्मी द्वारा उसकी सफाई नहीं की जाती है. नतीजा यह होता है कि कूड़ेदान के बाहर भी कूड़े का ढेर जमा हो जाता है. जिससे उठने वाली बदबू व सड़ांध से मुहल्लेवासी परेशान हो जाते हैं. मजबूरी में हम लोगों को राह में नाक ढंक कर गुजरना पड़ता है. वहीं नाले की सफाई नहीं होने से उससे मच्छरों का अत्यधिक प्रकोप वार्ड में फैला हुआ है. जिससे मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनियां सहित अन्य बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है.
