सदर अस्पताल, रेलवे स्टेशन के होने से हो रहा है विकास, भाड़े में हो रहा है इजाफा
प्रिय रंजन
बांका : बालू के लिए बदनाम हो चुका बांका अब धीरे-धीरे शहर में तबदील हो रहा है. तीन तीन पावर प्लांट के निर्माण की बात को सून कर ग्रामीण अब बांका की ओर रख करना आरंभ कर दिये है. पिछले 10 वर्षों में जिस प्रकार से बांका ने अपना विकास किया है या यू कहें कि जैसे जैसे ग्रामीण शहर की ओर अपना रुख करना आरंभ कर दिये है उससे पूरा इलाका अब भरा हुआ लगने लगा है.
पहुंची रेल, आरंभ हो गया ठेलम ठेल : विकास पुरुष के नाम से जाने जाने वाले पूर्व सांसद स्व दिग्विजय सिंह के सबसे कामयाब प्रोजेक्ट बांका में रेल पहुंचाना के पूरा होते ही शहर में विकास की नयी इमारत खड़ी होने लगी है. शहर में केंद्रीय विद्यालय से लेकर संत जोसेफ स्कूल की इमारत, विजय नगर चौक पर आलिसान भवन, आजाद चौक से लेकर प्राय: सभी इलाकों में ऊंची इमारत खड़ी हो चुकी है. रेलवे स्टेशन के पास की जमीन भी काफी कीमती हो चुकी है. उस ओर ही शहर का विकास हो रहा है. वहीं समुखिया मोड़ में पुलिस केंद्र के बनने से उधर की जमीन भी अब सोने की भाव में बिक रही है.
कहते हैं स्थानीय लोग
जिले के स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस प्रकार से रेलवे स्टेशन, सदर अस्पताल, अच्छे स्कूल खुल रहे हैं उससे ग्रामीण लोग शहर का रुख कर रहे हैं. वहीं विजय नगर के राकेश का कहना है कि पुलिस केंद्र, पावर सब स्टेशन, बॉटलिंग प्लांट आदि शहर में होने से शहर में विकास हो रहा है जिस कारण लोग शहर का रुख कर रहे है. वहीं करहरिया के राजू यादव ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि लोग गांव छोड़ कर शहर की ओर भाग रहे है इससे शहर में भीड़ बढ़ रही है लेकिन नगर पंचायत के द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है.
बढ़े रोजगार के साधन : लगातार बढ़ रही शहर के कारण यहां अब कई रोजगार के साधन उपलब्ध हैं. आबादी बढ़ने की वजह से लोगों को अपने जरूरी समान की आवश्यकता भी बढ़ गयी है. इस कारण पहले जहां किसी समान के कम दुकान थे आज उसमें इजाफा हुआ है. वहीं दूरी बढ़ने से रिक्शा व ऑटो में भी इजाफा हुआ है. दो पहिया वाहन की भीड़ भी बढ़ रही है. उसको मरम्मत, तेल सहित अन्य समान की जरूरत बढ़ रही है.
