हर घर को मिलेगा अब शुद्ध पेयजल

खुशखबरी. पाइप लाइन से पहुंचेगा पानी मुख्यमंत्री के सात निश्चय में से एक नल का जल के तहत शहर के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के जरिये शुद्ध पानी पहुंचाया जायेगा. बांका : बांका शहर के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. शहरवासियों को जल्द ही उनके घरों तक पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की […]

खुशखबरी. पाइप लाइन से पहुंचेगा पानी

मुख्यमंत्री के सात निश्चय में से एक नल का जल के तहत शहर के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के जरिये शुद्ध पानी पहुंचाया जायेगा.
बांका : बांका शहर के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. शहरवासियों को जल्द ही उनके घरों तक पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी. हर घर… नल का जल संकल्प के तहत इस योजना पर काम शुरु कर दिया गया है. यह संकल्प मुख्यमंत्री के उन सात निश्चयों में से एक है, जिन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना के लिए सर्वे का काम जोर शोर से चल रहा है. सर्वे एक माह में पूरा हो जाने की उम्मीद है. सर्वे का काम पूरा होते ही समग्र परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी. यह रिपोर्ट तैयार होने के साथ ही योजना को धरातल पर क्रियांवित करने का काम शुरू हो जाएगा.
बिहार राज्य जल पर्षद ने उठाई जिम्मेदारी : बांका शहर में हर घर नल का जल योजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य जल पर्षद द्वारा किया जा रहा है. पार्षद की तकनीकी टीम विगत दो सप्ताह से यहां सर्वे और डीपीआर निर्माण के कार्य में जुटी है. बांका में पाइपलाइन से जलापूर्ति की जिम्मेदारी फिलहाल पीएचईडी के जिम्मे है. लेकिन पीएचईडी यहां अपनी जिम्मेदारी निर्वहन में पूरी तरह विफल रही है. वर्तमान में शहर की 10 फीसदी आबादी को भी पीएचइडी से पाइप लाइन के जरिए पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही. वह भी उन्हें आपूर्ति किए जाने वाले पानी की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं. बिहार राज्य जल पर्षद की इस योजना के यहां शुरु होते ही पीएचइडी की योजनाएं भी इसी के अधीन हो जाएंगी.
सभी 22 वार्डों को किया गया है योजना में शामिल: आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सर्वे में नगर पंचायत क्षेत्र के सभी वार्डों को सुलभ जलापूर्ति किए जाने के हर एक पहलु को ध्यान में रखा जा रहा है. बांका शहर में स्थानीय निकाय को फिलहाल नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त है. लेकिन इसे नगर परिषद का दर्जा दिए जाने का निर्णय लिया जा चुका है. इसकी अधिसूचना होना बाकी है. शहर की आबादी करीब 50 हजार है. वर्तमान में बांका नगर पंचायत के अंतर्गत 22 वार्ड हैं. इन में से आधे दर्जन वार्ड शहर से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में ओढ़नी नदी के उस पार बसे हैं. इन क्षेत्रों में कई मोहल्ले जो गांव से भी बदतर हाल में है, वहां पर शुद्ध पेयजल तो दूर, बिजली तक नसीब नहीं है. इन क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल वह भी पाइपलाइन के जरिए पहुंचाना एक बड़ा टास्क है जिसे पूरा करने का बीड़ा बिहार राज्य जल पर्षद ने उठाया है.
एक माह में पूरा हो जायेगा सर्वे
शहर में स्थायी रूप से हो जाएगा पेयजल की समस्या का निदान
हर घर नल का जल योजना के तहत शहर के प्रत्येक घर को नलों के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. इस योजना पर तेजी से काम चल रहा है. सर्वे का काम अंतिम चरण में है. जल्द ही डीपीआर तैयार कर इस योजना का क्रियान्वयन आरंभ कर दिया जाएगा. इस योजना के लागू हो जाने पर शहर में पेयजल की समस्या स्थाई तौर पर समाप्त हो जाएगी.
बी के तरुण, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, बांका

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