बड़ी कठिन है डगर बाबाधाम की

बालू की जगह बिछी है कंकड़युक्त मिट्टी हल्की बारिश के बाद कीचड़ व फिसलन कटोरिया : इस बार कच्ची कांवरिया पथ कंधे पर कांवर लेकर नंगे पांव यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की बाबा कड़ी परीक्षा लेने वाले हैं. चूंकि बाबा की डगर पर बालू की जगह पर बिछाये गये कंकड़-पत्थर युक्त मिट्टी हल्की बारिश में […]

बालू की जगह बिछी है कंकड़युक्त मिट्टी

हल्की बारिश के बाद कीचड़ व फिसलन
कटोरिया : इस बार कच्ची कांवरिया पथ कंधे पर कांवर लेकर नंगे पांव यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की बाबा कड़ी परीक्षा लेने वाले हैं. चूंकि बाबा की डगर पर बालू की जगह पर बिछाये गये कंकड़-पत्थर युक्त मिट्टी हल्की बारिश में ही कीचड़ के साथ-साथ फिसलन भी बनायेगी. पिछले वर्ष तो यह स्थिति सिर्फ दुल्लीसार से लेकर विश्वकर्मानगर तक ही देखने को मिली थी. लेकिन इस वर्ष यह नजारा समूचे पथ में देखने को मिल सकती है.
महज छह दिनों बाद एक माह के लिए शुरू होने वाले श्रावणी मेला के दौरान प्रत्येक दिन लाखों की संख्या में देश-विदेश से पहुंचने वाले शिवभक्त अजगैबीनाथधाम से लेकर बाबाधाम तक की पैदल कांवर यात्रा करेंगे. नियम-व्रत का पालन करते हुए कंधे पर गंगाजल लेकर तीर्थयात्रा करने वाले श्रद्धालु कभी पक्की सड़क तो कभी जंगली-पहाड़ी मार्ग से भी होकर गुजरते हैं. इस कठिन धार्मिक यात्रा में भोलेबाबा श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा भी लेते हैं.
बाबा की परीक्षा में फेल होने वाले श्रद्धालु अपनी संकल्प यात्रा को बीच में ही छोड़ बस या अन्य सवारी से बाबाधाम पहुंचते हैं. मगर इस वर्ष कच्ची पथ को सुगम बनाने के नाम पर जिस तरह गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया गया है. उससे हर श्रद्धालुओं को बाबा की परीक्षा में पास होने हेतु कड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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