विरोध. सदर अस्पताल बांका में हुई घटना, आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा
सदर अस्पताल बांका में बुधवार को प्रसव के बाद जच्चा बच्चा दोनों की ही मौत हो गयी. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया है. डेढ़ वर्ष पूर्व प्रसूता की शादी हुई थी.
बांका : जहां एक ओर सरकार प्रसव के दौरान मौत पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है वहीं दूसरी ओर बुधवार को सदर अस्पताल बांका में प्रसव के बाद जच्चा बच्चा दोनों की मौत हो जाने पर मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जम कर हंगामा किया है. जानकारी के अनुसार, विजय नगर निवासी अजीत मंडल की पुत्री राजनंदनी 20 वर्ष को परिजनों द्वारा प्रसव पीड़ा होने के बाद मंगलवार की रात 11:00 बजे सदर अस्पताल में भरती कराया गया, जहां पर उन्हें रात के 1:00 बजे प्रसव हुआ. उन्होंने मृत बच्ची को जन्म दिया.
इसके बाद महिला की स्थिति धीरे-धीरे खराब होने लगी महिला की स्थिति को बिगड़ते देख ड्यूटी पर तैनात नर्स के द्वारा इसकी सूचना इमरजेंसी सेवा में तैनात पुरुष चिकित्सक को दिया गया. जब चिकित्सक द्वारा महिला की जांच की गई तो उसकी स्थिति पूरी तरह खराब हो चुकी थी जिस पर उन्होंने उक्त महिला को भागलपुर रेफर कर दिया.सुबह 5:20 पर महिला को रेफर किया गया और 10 मिनट बाद ही 5:30 बजे उक्त महिला की मौत सदर अस्पताल में ही हो गयी.
इसके बाद मृतक के परिजनों ने नर्स एवं चिकित्सक की लापरवाही का आरोप लगा कर जम कर हंगामा किया और इसकी सूचना सिविल सर्जन को फोन पर दी. इस पर सिविल सर्जन ने किसी चिकित्सक को ना भेज कर बल्कि सदर अस्पताल बांका थानाध्यक्ष एवं सीओ को भेजा. सीओ व थानाध्यक्ष ने परिजनों को समझा कर शांत किया.
ड्यूटी पर तैनात नर्स व चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग
ज्ञात हो कि सदर अस्पताल बांका में रात्रि के समय ऑन कॉल महिला चिकित्सक की तैनाती रहती है. जब प्रसव के दौरान किसी भी महिला की स्थिति में गिरावट आती है तब ड्यूटी पर तैनात नर्स के द्वारा महिला चिकित्सक को फोन कर बुलाया जाता है या इमरजेंसी में तैनात पुरुष चिकित्सक को बुलाकर मरीज को दिखाया जाता है.
बावजूद इसके जच्चा बच्चा की मौत प्रश्न चिन्ह बना हुआ है. मृतक की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ही पंजवारा के मुकेश मंडल के साथ हुई थी. मृतक के पिता ने डॉक्टर एवं नर्स की लापरवाही की वजह से बेटी की हुई मौत की लिखित शिकायत जिलाधिकारी से की है और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक एवं नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
