श्रावणी मेला. प्रमंडलीय आयुक्त ने बैठक में कहा, यूनिफाॅर्म में रहें िचकित्सक
प्रमंडलीय आयुक्त का पदभार लेने के बाद पहली बार बांका पहुंचे आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि कांवरिया मार्ग में लापरवाही बरदाश्त नहीं की जायेगी. श्रावणी मेला के दौरान यदि एक भी कांवरियों की मौत होती है तो उसके लिए जो भी अधिकारी जिम्मेवार होंगे उन्हें बख्शा नहीं जायेगा.
बांका : श्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का शुभारंभ होने में मात्र 9 दिन शेष बचे हैं. कांवरिया मार्ग में कांवरियों की सुविधाओं के लिए विभागों द्वारा की गयी तैयारी जो पेपर में दिख रहे हैं उसपर मैं विश्वास नहीं करता बल्कि धरातल पर कांवरियों को वही सुविधाएं मिल पायेगी या नहीं उसे देखने की आवश्यकता है.
उक्त बातें प्रमंडलीय आयुक्त अजय कुमार चौधरी ने सोमवार को बांका परिसदन में श्रावणी मेला तैयारी की समीक्षा के दौरान अधिकारियों से कही. प्रमंडलीय आयुक्त का पदभार लेने के बाद पहली बार बांका पहुंचे आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि कांवरिया मार्ग में लापरवाही बरदाश्त नहीं की जायेगी.
श्रावणी मेला के दौरान यदि एक भी कांवरियों की मौत होती है तो उसके लिए जो भी अधिकारी जिम्मेवार होंगे उसे बख्सा नहीं जायेगा. आयुक्त ने बैठक के दौरान विभागवार सभी अधिकारियों से रूबरू हुए और उसकी समीक्षा की. उन्होंने आरडब्लूडी रोड के कार्यपालक अभियंता से कहा कि कांवरिया संघ से मिली जानकारी के अनुसार कच्चे कांवरिया मार्ग में बिछे बालू बारिश की वजह से बह जाते हैं और अंत में बालू के मोटे-मोटे कंकड़ रह जाते हैं जिससे कांवरियों के पैर लहू लुहान हो जाते हैं.
इसलिए हर हाल में बालू को चालकर बिछाएं. वहीं उन्होंने कार्यपालक अभियंता से यहां तक कह दिये कि आप उस मार्ग पर चल कर खुद देख लें और संतुष्ट हो जायें. आगामी 16 मार्च को मैं कांवरिया मार्ग के निरीक्षण में बांका आऊंगा और खाली पैर भी चलूंगा और आपको भी चलाऊंगा यदि कहीं भी बालू के साथ कंक्रीट मिला तो इसके लिए आपको बख्सा नहीं जायेगा. इसके बाद बारी थी स्वास्थ्य विभाग की इस पर आयुक्त ने सीएस को कहा कि दुकानदारों को एक बड़ा बाजार कांवरिया मार्ग मिल जाता है
जहां पर जंक फूड, दूषित भोजन भीड़ में बेचकर दुकानदार निकल जाते हैं. इसके अलावा यह भी देखा गया है कि रेलवे लाइन पर फेंके पानी के खाली बोतल को इकट्ठा कर उस बोतल में ही दुबारा पानी भर कर बेचे जाने का मामला सामने आता है. जिससे कांवरिया दूषित जल पीकर डायरिया के शिकार होते हैं. इसे भी देखने की आवश्यकता है.
साथ ही भीड़ में एक्सपाइरी दवा भी धड़ल्ले से बिकता है. इस पर भी अंकुश लगायें. यह बहाना नहीं चलेगा कि जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर की कमी है. दवा पर एक्सपाइरी लिखा होता है कोई भी अधिकारी उसकी जांच कर सकते हैं. साथ ही सीएस को निर्देश दिया कि कांवरिया मार्ग में तैनात चिकित्सक व पारा मेडिकल के स्टाफ यूनिफार्म एवं बैच लगा कर रहे जिससे कि कांवरियों को स्वास्थ्य कर्मियों को पहचानने में कोई परेशानी उत्पन्न न हो. इस मौके पर डीडीसी प्रदीप कुमार सहित सभी विभागों के प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
पर्याप्त संख्या में मौजूद रहेगी पुलिस
बिजली विभाग की समीक्षा के क्रम में आयुक्त ने कहा कि वर्ष 2014 में जिस प्रकार कांवरियों की मौत करंट लगने से हुई थी ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए सभी जगहों पर कवर वायर लगायें एवं जहां पर कवर वायर नहीं लग पाये वहां पर गार्ड वायर अवश्य लगायें. यदि किसी भी प्रकार की दुर्घटना बिजली की वजह से होती है तो इसके लिए परिणाम भुगतने को तैयार रहें. सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर एसपी राजीव रंजन ने कहा कि मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है. धौरी से लेकर दुम्मा तक पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किये जायेंगे.
इसके अलावा एसडीओ एवं डीटीओ को कहा कि जो कांवरिया बस के छत पर बैठ कर यात्रा करते हैं उन्हें रोककर नीचे उतारें और उन्हें बस के अंदर बैठ कर यात्रा करने के लिए प्रेरित करें. इसके लिए वो कांवरिया मार्ग में दो तीन जगह बैरियर लगाकर ऐसा करवा सकते हैं जिससे कि वाहन दुर्घटना में किसी भी प्रकार की कैजुअल्टी न हो सके.
पेयजल व शौचालय की समुिचत व्यवस्था करें
पीएचडी विभाग की समीक्षा के दौरान उन्हें भी निर्देश दिया कि पूरे कांवरिया मार्ग में पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था करें. इस पर कार्यपालक अभियंता ने कहा कि बांका जिले की सीमा क्षेत्र में पड़ने वाले कांवरिया मार्ग में लगे सभी चापाकल चालू स्थिति में हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि इस वर्ष ट्रायल के तौर पर कांवरिया मार्च में 4 किलोमीटर तक रनिंग वाटर सप्लाई की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावे सभी सरकारी धर्मशाला व अन्य जगहों पर स्थित शौचालय चालू करा दिये गये हैं.
