बाढ़ आयी, तो मचेगी तबाही

परेशानी. शहर के जमुआ पुल की स्थिति जर्जर शहर के बीचोबीच बहने वाली जमुआ नदी की चौड़ाई अतिक्रमण से आधे से भी कम हो चुकी है. नदी पर बने पुल के चार में से एक भंवरे को बंद कर दिया गया है. इससे बाढ़ आने पर शहर में भारी तबाही मच सकती है. बांका : […]

परेशानी. शहर के जमुआ पुल की स्थिति जर्जर

शहर के बीचोबीच बहने वाली जमुआ नदी की चौड़ाई अतिक्रमण से आधे से भी कम हो चुकी है. नदी पर बने पुल के चार में से एक भंवरे को बंद कर दिया गया है. इससे बाढ़ आने पर शहर में भारी तबाही मच सकती है.
बांका : ईश्वर ना करें, लेकिन अगर इस बार जमुआ नदी में बाढ़ आयी, तो शहर के एक बड़े हिस्से में भारी तबाही मच जायेगी. इस आशंका के पीछे जमुआ नदी के दोनों ओर हो चुका बेतहाशा अतिक्रमण है. अतिक्रमण की वजह से जमुआ नदी की चौड़ाई अब आधे से भी कम हो चुकी है. शहर के लोगों में इस बात की भी आशंका है कि बाढ़ की स्थिति में बांका शहर के दो हिस्सों को आपस में जोड़ने वाले कचहरी रोड स्थित जमुआ पुल को भी भारी क्षति पहुंच सकती है. यह पुल रखरखाव के अभाव और अतिक्रमण की वजह से काफी जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुका है.
कचरे से बंद हो गया है एक भंवरा: जमुआ नदी पर बने पुल का निर्माण 1996 में हुआ. पुराने पुल की जगह इस कंक्रीट पुल का निर्माण कराया गया. पहले के पुल में जहां आठ भंवरे थे, नये पुल में सिर्फ चार भंवरे बनाये गये. इनमें से एक भंवरे को अतिक्रमणकारियों की साजिश ने पूरी तरह ढक लिया है. शहर के बाजार स्थित तमाम कचरे इसी पुल पर गिराये जा रहे हैं. इससे पुल का पूर्वी भंवरा बंद हो चुका है. पुल के पाये भी ढहने लगे हैं.
रेलिंग तो पहले ही क्षतिग्रस्त होकर झड़ चुकी है. अगर इस पुल के बंद हो चुके भंवरे की सफाई शीघ्र नहीं करायी गयी, तो इस वर्ष जमुआ नदी में किसी दिन तेज बहाव आने के बाद की स्थिति में न सिर्फ पुल को क्षति पहुंचेगी, बल्कि इसका खामियाजा शहर के एक बड़े हिस्से को भुगतना पड़ सकता है.
शहर के बीचोबीच बहती है जमुआ नदी
जमुआ नदी बांका शहर के बीचोबीच दक्षिण से उत्तर की ओर बहती है. यह नदी कभी सदानीरा थी. अतिक्रमण की वजह से अब यह नाले में तब्दील हो कर रह गयी है. अतिक्रमण के ही दबाव के चलते 1995 में आयी बाढ़ के दौरान इस नदी से शहर में मची तबाही को यहां के लोग झेल चुके हैं. इस बाढ़ में जमुआ पुल भी पूरी तरह ध्वस्त हो गया था, जिससे करीब साल भर तक बांका शहर दो हिस्सों में बंटा रहा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >