हत्या, डकैती, लूट, चोरी और दुष्कर्म की लगातार हो रही घटनाओं से थर्राया बांका जिला
बांका : बांका जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. एक के बाद एक लगातार हो रही चोरी, डकैती, लूट, हत्या और दुष्कर्म की घटनाओं से जिले के लोगों की नींद हराम है. 10 दिनों के भीतर जिले में हत्या की तीन बड़ी घटनाएं हो गयी. धोरैया में हुई युवक की हत्या इस सिलसिले की नवीनतम कड़ी है.
जिले में बेख़ौफ कातिलों द्वारा की जा रही निर्मम हत्याओं का सिलसिला पांच महीने से जारी है. इस दौरान लूटपाट, चोरी और दुष्कर्म की भी कई सनसनीखेज घटनाएं जिले में हुई हैं. दिनदहाड़े बैंक लूट और बौंसी तथा अमरपुर स्थित पेट्रोल पंपों पर हुई लूट के मामले में शामिल हैं. अमरपुर में ही कुछ माह पूर्व एक स्कूली छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गयी. ये कुछ नजीर हैं जो यह साबित करने के लिए काफी है कि जिले में इन दिनों अपराधियों की चल रही है और अपराध सिर चढ़कर बोल रहा है.
बढ़ते अपराध के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे लोग: जिले में बढ़ती आपराधिक वारदातों से यहां के लोगों की नींद हराम हो चुकी है. लोग अब इन मामलों को लेकर सड़कों पर उतरने लगे हैं. अमरपुर में राजीव भगत की हत्या के खिलाफ आंदोलनों का दौर लगातार जारी है.
प्रदर्शन, पुतला दहन और अंततः शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने इस हत्याकांड के विरोध और इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अमरपुर में करीब 10 घंटे चक्का जाम कर दिया. इससे पहले शंभूगंज में हुई हत्या के विरोध में ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने थाना में आग लगा दिया. बौंसी में व्यापारी हत्याकांड के विरोध में भी लोग काफी उग्र हो गये. हालांकि इस कांड का जल्द ही उद्भेदन हो गया और अपराधी पकड़े गये. इन सबके बावजूद जिले में अपराधियों और अपराध पर लगाम नहीं लग पा रहा है. इससे जिले के लोग काफी सशंकित हैं.
नहीं थम रहा आपराधिक घटनाओं का सिलसिला
जिले में हाल के महीने में हुई अपराधिक घटनाओं की एक लंबी फेहरिस्त है. तीन जुलाई को बौंसी बाजार के बीज व्यवसायी दिलीप पंजियारा की सरेशाम गोली मारकर हत्या कर दी गयी. इससे तीन दिन पूर्व 30 जून को अमरपुर में रालोसपा नेता एवं पूर्व मुखिया राजीव भगत को गोलियों से भून दिया गया. यह घटना भी सरेआम दिन के उजाले में हुई. तीन सप्ताह पूर्व बांका सदर थाना क्षेत्र के कटेली मोड़ स्थित केनरा बैंक की शाखा में दिनदहाड़े साढे तीन लाख रुपये की लूट हुई.
हालांकि केनरा बैंक लूट कांड और दिलीप पंजियारा हत्याकांड का उद्भेदन शीघ्र ही कर लेने में पुलिस को सफलता मिली. अपराधी पकड़े गये और उन्होंने हत्या एवं लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. लेकिन इससे पहले मकदूमा के स्वर्ण व्यवसायी की शहर के बाहर ओढ़नी पुल पर की गयी हत्या, मुड़हारा स्टेशन के पास खड़ीहारा के गैराज मैकेनिक की हुई हत्या, बालू घाट पथरा में एक मजदूर को बम मारकर उड़ा दिये जाने की घटना आदि मामले में अपराधी और हत्यारे अब तक बाहर हैं. इससे पहले सात मार्च को धोरैया के रबीडीह गांव में इंटर के एक छात्र की गला रेत कर हत्या कर दी गयी.
उसकी लाश मिर्चीनी नदी के किनारे एक ईंट भट्टे के पास से बरामद की गयी. 14 फरवरी को बाराहाट के तीन फेडिया गांव में एक शराबी पति ने अपनी पत्नी को जला कर मार डाला. जबकि 13 फरवरी की रात अमरपुर के प्रेमचक कुशमाहा की एक स्कूली नाबालिग छात्रा के साथ पहले गैंग रेप कर बाद में उसकी हत्या कर दी गयी. उसकी लाश अगले दिन धोबघट्टा पोखर के पास से बरामद की गयी. पुलिस ने भी इस मामले में गैंग रेप की बात की पुष्टि की थी.
इस मामले में पांच लोगों को पीड़िता के परिवार वालों ने नामजद किया था. इनमें सिर्फ दो ही अब तक गिरफ्तार हो सके हैं. बाकी तीन फरार हैं. 15 अप्रैल को आनंदपुर ओपी के चंदवारी गांव में भी एक नवविवाहिता को जिंदा जिंदा जला कर मार डाला गया. शंभूगंज थाना क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की हत्या कर दी गयी, जबकि बेलहर प्रखंड के बहोरना गांव में चुनावी रंजिश को लेकर एक बुजुर्ग की पीट पीट कर हत्या कर दी गयी.
