सड़क की स्थिति खराब रहने से नारकीय जीवन जी रहे बबूरा हरिजन टोला के लोग
धोरैया : सुशासन की सरकार चाहे गांवों की गलियों में पक्की सड़क बनाने का जितना भी दावे कर ले, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी लोग एक अदद पक्की सड़क के लिये तरस रहे हैं. वर्षों से प्रखंड के बबुरा पंचायत के बबुरा चौंक से पुराना हरिजन टोला जाने वाली सड़क की स्थिति पूरी तरह से बदतर है. खासकर बरसात के समय में इस सड़क होकर गंदे पानी से गुजरना इस टोले के लोगों की नियति बन गयी है. आजादी के इतने वर्षों बाद भी यहां के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. बरसात के मौसम में बुरी तरह से कीचड़ व दलदल में यह सड़क तब्दील हो जाता है.
इस बाबत ग्रामीणों ने कई बार जिला के अधिकारियों को आवेदन देकर बबुरा चौक से पुराना हरिजन टोला तक सड़क निर्माण की गुहार लगायी. लेकिन परिणाम शून्य रहा. भारतीय सेना में कार्यरत ग्रामीण परवेज आलम ने कहा कि इस गांव में एक मामूली ग्रामीण पक्की सड़क का नहीं होना चिंता का विषय है.
कुछ वर्ष पूर्व मनरेगा योजना से सड़क में निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था. लेकिन काम पूरा नहीं हुआ और पैसा लौट गया. इस बाबत पंचायत की मुखिया बीबी नुसरत जरी व मुखिया प्रतिनिधि मजहर इमाम ने बताया कि पंचायत के विकास के लिये जितना बन पड़ेगा वे करेंगी. इस सड़क का निर्माण कार्य भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है.
