दिलीप हत्याकांड. अपराधियों ने जरमुंडी, सरैयाहाट में दिया था वारदात को अंजाम
बांका : बौंसी के चर्चित बीज व्यवसायी दिलीप पंजियारा हत्याकांड के उद्भेदन के बहाने बांका पुलिस को एक बड़े अंतर्राज्जीय लुटेरा गिरोह का परदाफाश करने में सफलता मिली है. इस हत्याकांड को लेकर जो 5 अपराधी सोमवार को बांका पुलिस की गिरफ्त में आए उन्होंने पिछले कुछ वर्षों के दौरान झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर लूटपाट की आधी दर्जन से ज्यादा घटनाओं को अंजाम दिया है. माना जा रहा है
कि इस गिरोह ने बांका जिले को हाल ही में अपनी आपराधिक गतिविधियों का नया केंद्र बनाया था. पुलिस के मुताबिक इस अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह का सरगना सावन कुमार सिंह है, जो झारखंड के साहिबगंज जिला अंतर्गत राजमहल थाना क्षेत्र के काजी गांव का रहने वाला है.
झारखंड क्षेत्र में यह गिरोह वर्ष 2011 से ही सक्रिय है. 2011 में दुमका जिले के बाबूपूर पेट्रोल पंप पर लूटपाट के बाद इस गिरोह ने कुछ दिनों बाद महारो मोर पेट्रोल पंप पर भी लूटपाट की थी. हाल ही में इस गिरोह द्वारा दुमका जिले के ही जरमुंडी, सरैयाहाट, तालझारी आदि पेट्रोल पंपों पर भी लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया गया. बांका पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद सोमवार को जरमुंडी पुलिस भी इस गिरोह के सदस्यों से पूछताछ करने के लिए बौंसी पहुंची थी. जरमुंडी में इस गिरोह ने कुछ माह पूर्व वहां के एक पेट्रोल पंप पर लूटपाट की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था.
इस गिरोह ने पिछले कुछ महीनों से अपनी अपराधिक गतिविधियों का केंद्र बांका को बना लिया था. पुलिस का कहना है कि हाल ही में बौंसी के गुरुधाम तथा अमरपुर स्थित पेट्रोल पंपों पर लूटपाट की घटना में यही अपराधी गिरोह शामिल था. इससे पहले हंसडीहा पेट्रोल पंप पर भी इस गिरोह ने लूटपाट की थी. पुलिस ने दिलीप हत्याकांड के सिलसिले में जिन 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया उनमें तीन झारखंड के ही रहने वाले हैं. जब कि दो बांका जिले के निवासी हैं. गिरफ्तार अपराधियों में जयकांत यादव उर्फ संजय यादव बाभनखेत हंसडीहा दुमका, सचिंद्र मिर्धा बाभनखेत, प्रफुल्ल यादव सिमरा बौंसी एवं आचारज बौंसी का ही सुमन सौरभ उर्फ लोली शामिल है.
सोमवार को मैनेजर को लूटनेवाले थे अपराधी
ये अपराधी सोमवार को ही ग्रामीण बैंक मधुपुर के मैनेजर के साथ लूटपाट करने वाले थे. अपराधियों को खबर थी कि मैनेजर हर दिन सरैयाहाट कैश लेकर अपने बैंक पहुंचते हैं. रास्ते में ही उनके साथ लूटपाट करने की योजना इन अपराधियों की थी. इसके लिए उन्होंने कई दिनों से रेकी भी कर रखी थी. दरअसल बौंसी के व्यवसायी की हत्या के पूर्व उन्होंने दुमका के ही एक बीज व्यवसायी के कलेक्शन एजेंट से लूटपाट की योजना बनाई थी, लेकिन उक्त योजना में अपराधी सफल नहीं हो पाए. इसकी वजह रही कि अपराधी जहां मोटरसाइकिल पर थे वहीं कलेक्शन एजेंट चार पहिया वाहन से था और अपराधियों के को उनके साथ लूट पाट का मौका नहीं मिल पाया. बौंसी के बीज व्यवसायी दिलीप की हत्या के पूर्व इन अपराधियों ने उनकी गतिविधियों की भी रेकी की थी. यह रेकी बौंसी के ही दोनों अपराधियों सिमरा के प्रफुल्ल यादव एवं आचारज के सुमन सौरभ ने की थी, ऐसा पुलिस का मानना है. दरअसल उन्होंने रेकी कर इसकी सूचना गिरोह के सरगना को झारखंड में दी थी. अपराधी व्यवसायी के साथ लूटपाट करने की योजना से आए थे. लेकिन इसमें विफल रहने पर उन्होंने उन्हें गोली मार दी. गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने चार लोडेड देसी पिस्तौल, तीन मैगजीन, 14 कारतूस, चार मोबाइल एवं एक बाइक भी बरामद किया है.
