राजीव हत्याकांड : तीन दिन बाद भी नहीं पकड़े जा सके अपराधी
बांका : रालोसपा के प्रदेश महासचिव एवं पूर्व मुखिया राजीव भगत की हत्या के तीन दिनों बाद भी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. पुलिस अब तक सिर्फ अनुसंधान की बात कह रही है. इधर इस हत्याकांड को लेकर अमरपुर क्षेत्र में जन आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा. लोग […]
बांका : रालोसपा के प्रदेश महासचिव एवं पूर्व मुखिया राजीव भगत की हत्या के तीन दिनों बाद भी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. पुलिस अब तक सिर्फ अनुसंधान की बात कह रही है. इधर इस हत्याकांड को लेकर अमरपुर क्षेत्र में जन आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा. लोग आक्रोश में हैं. भाकपा माले ने बकायदा इस हत्याकांड को लेकर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन छेड़ दिया है.
शनिवार को अमरपुर बंद के बाद पार्टी ने मंगलवार को अमरपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है. इधर रालोसपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के भी सोमवार को राजीव भगत के पैतृक गांव भदरिया आने की संभावना है. पूर्व सांसद पुतुल सिंह भी सात जुलाई को भदरिया पहुंचने वाली हैं.
अलग-अलग तर्क
हत्या कांड को लेकर तरह-तरह की चर्चा है. लोग अलग-अलग तर्क दे रहे हैं. मुख्य रूप से इस हत्याकांड के पीछे कुलहरिया के पास मौलानाचक निवासी बबलू सिंह की हत्या, बालू से जुड़े कारोबार तथा गत पंचायत चुनाव को लेकर प्रतिद्वंदिता की बात सामने आ रही है. अनुसंधान में अब तक की जानकारियों के आधार पर पुलिस भी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पायी है. बबलू सिंह बालू के कारोबार में शामिल थे. 11 नवंबर 2012 को उनकी हत्या हुई थी. इस मामले में राजीव का भी नाम सामने आया था. बाद में पुलिस ने उन्हें क्लीन चिट दे दिया था. राजीव भी बालू कारोबार से जुड़े थे. एक समय में उनकी कुलहरिया में रोज बैठकी होती थी, लेकिन बबलू की हत्या के बाद उन्होंने अमरपुर को अस्थायी रूप से आवास बना लिया. विगत पंचायत चुनाव में मुखिया पद को लेकर उनकी प्रतिद्वंदिता रामचंद्रपुर के प्रशांत कापरी से हुई. प्रशांत की मां प्रत्याशी थीं, जबकि राजीव की भाभी. गांव में इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि शायद इस चुनाव को लेकर उत्पन्न रंजिश उनकी हत्या की वजह बनी हो. वैसे पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.
शीघ्र गिरफ्त में होंगे अपराधी : एसपी
राजीव के गांव भदरिया में जांच के दौरान स्थानीय लोगों ने इस हत्याकांड के पीछे पंचायत चुनाव को लेकर कायम विवाद की चर्चा की. अंतिम तौर पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता. अनुसंधान पूरा होने पर ही कुछ कहा जा सकता है. जांच जारी है. शीघ्र ही पर्दाफाश हो जाएगा. असली हत्यारे सामने आ जाएंगे.
राजीव रंजन, एसपी, बांका