अब दारोगाओं को मिलेंगे परिवहन अधिकारी जैसे अधिकार

मनोज उपाध्याय बांका : पुलिस ने बांका जिले में यातायात नियमों के सख्ती से अनुपालन एवं ट्रैफिक नियंत्रण के लिए एक बड़ी कार्य योजना पर पहल शुरू कर दी है. राज्य पुलिस मुख्यालय की अनुशंसा और परिवहन विभाग की सहमति के साथ ही जिले में पुलिस को यातायात नि यंत्रण हेतु पर्याप्त अधिकार होंगे. ये […]

मनोज उपाध्याय
बांका : पुलिस ने बांका जिले में यातायात नियमों के सख्ती से अनुपालन एवं ट्रैफिक नियंत्रण के लिए एक बड़ी कार्य योजना पर पहल शुरू कर दी है. राज्य पुलिस मुख्यालय की अनुशंसा और परिवहन विभाग की सहमति के साथ ही जिले में पुलिस को यातायात नि यंत्रण हेतु पर्याप्त अधिकार होंगे. ये अधिकार परिवहन विभाग के अधिकारियों के समकक्ष होंगे. पुलिस वाहनों की चेकिंग, कागजातों की पड़ताल एवं नियमों के अनुपालन हेतु चालान करने तक के अधिकारों से लैस हो जायेगी.
इस संबंध में बांका जिला पुलिस ने एक समेकित प्रस्ताव राज्य पुलिस मुख्यालय को भेजा है. राज्य पुलिस मुख्यालय इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रही है. मुख्यालय अगर चाहे तो इसमें संशोधन भी कर सकती है. आवश्यक संशोधनों, अगर कोई हो, के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय गृह पुलिस विभाग के माध्यम से इस प्रस्ताव को परिवहन विभाग स्वीकृति के लिए भेजेगा. वहां से सहमति मिलते ही जिले में यह कार्य योजना लागू कर दी जायेगी. इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक महीने का वक्त लग जाने की उम्मीद है.
राज्य पुलिस मुख्यालय को जो प्रस्ताव बांका जिला पुलिस द्वारा भेजे गये हैं उनमें प्राय: उन सभी अधिकारों का समावेश है जो परिवहन विभाग के अधिकारियों को प्राप्त हैं. इनमें ड्राईिवंग कोड ऑफ कंडक्ट, दो पहिया वाहनों के मामले में हेलमेट एवं अन्य सुरक्षा ऐहतियाती उपकरणों की उपलब्धता, वाहन के कागजात, ऑनर बुक, ड्राइविंग लाईसेंस, इन्स्योरेंस आदि की जांच के अधिकार शामिल हैं.
इनमें त्रुटि पाये जाने पर थाना स्तर पर पुलिस चालान भी काट सकेंगी. फिलहाल ये अधिकार सिर्फ परिवहन विभाग को ही प्राप्त हैं. लेकिन मानव संसाधनों के अभाव में परिवहन विभाग अपने अधिकारों का मुकम्मल इस्तेमाल नहीं कर पाता. और इस तरह यातायात नियंत्रण के तमाम कायदे कानून धरे रह जाते हैं.
जिला पुलिस द्वारा राज्य पुलिस मुख्यालय को भेजे गये वर्क प्लान में बांका जिले के लिए एक ट्रैफिक डीएसपी तथा ट्रैफिक थाना की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है. बांका में फिलहाल पुलिस की ट्रैफिक कंट्रोल इकाई की कमान होम गार्ड जवानों के भरोसे है. हालांकि ये होम गार्ड जवान यातायात संचालन के लिए प्रशिक्षित हैं और उन्हें बकायदा ट्रैफिक गार्ड वाले ड्रेस भी दिये गये हैं. लेकिन आखिरकार ये होम गार्ड जवान ही तो हैं.
इन सब स्थितियों के मद्देनजर जिला पुलिस ने बांका जिले में एक पूर्णकालिक ट्रैफिक कंट्रोल इकाई की स्थापना की जरूरत महसूस करते हुए तत्संबंधी प्रस्ताव राज्य पुलिस मुख्यालय को भेजा है.

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