– एसएफसी के बाराहाट गोदाम में पकड़ा गया चावल के कम स्टॉक का मामला
– कई जगहों से रिपोर्ट आना अभी बाकी, रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
बांका : खाद्यान्न घोटाले की पड़ताल के लिए जिले में प्रशासनिक कार्रवाई जारी है. अबतक जो रिपोर्ट मिले हैं उसके मुताबिक जिले में खाद्यान्न परिवहन से लेकर गोदामों के स्टॉक और वितरण तंत्र पर माफिया तत्वों की कारगुजारियां हावी हैं. मिलरों की भी भूमिका संदेह के घेरे में है. तीन मिलों को सील भी किया गया है. उनपर कार्रवाई की जायेगी. आधे से ज्यादा मिलों में चावल के स्टॉक मिलने से भी प्रशासन सकते में है. सत्यापन के बाद उनपर भी कार्रवाई की जा सकती है.
इस बीच आधिकारिक सूत्रों पुष्टि की कि एसएफसी के बाराहाट गोदाम के दोबारा सत्यापन के बाद भी लगभग 100 क्विंटल चावल की कमी पायी गयी हैं. शुक्रवार की देर शाम जांच रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर समर्पित नहीं की जा सकी थी. रिपोर्ट आने के बाद गोदाम के अधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिरनी तय है.
उल्लेख्य है कि दो दिन पूर्व भागलपुर में खाद्यान्न ट्रांसपोर्टरों के ट्रक पकड़े जाने के बाद भागलपुर के साथ बांका जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ और उसी दिन जिले के सभी 10 एसएफसी गोदामों को सील करते हुए उनके सत्यापन का आदेश दिया. इस दौरान कुछ गड़बडि़यां पाये जाने एवं सूत्रों से मिली रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को जिले के 2 दर्जन से ज्यादा मिलरों के खिलाफ भी जांच की गयी. जांच के दौरान जहां बाराहाट एसएफसी गोदाम में अनाज की कमी पायी गयी वहीं कई मिलों में बिना हिसाब के चावल एवं बोरियां मिलीं.
बाराहाट गोदाम के दोबारा सत्यापन के बाद भी स्टॉक में चावल की कमी की पुष्टि हुई. वरीय उपसमाहर्ता नीरज कुमार की देख रेख में जांच संपन्न हुई. हालांकि इस बारे में रिपोर्ट आनी बाकी है. मिलरों के खिलाफ जांच में सिर्फ बाराहाट में तीन मामले पकड़े गये. जहां गड़बडि़यां पायी गयी. इनमें खिरीपघार एवं खड़हारा राइस मिल प्रमुख है. इनकी मिलों से चावल एवं बोरियां बरामद हुई है. इन चावलों और बोरियों की वैधता की जांच की जा रही है.
कहते हैं अधिकारी
एसएफसी के जिला प्रबंधक सुशील कुमार का कहना है कि मिलों को एडवांस चावल कुट कर पैक्सों को देना होता है तभी उसके एवज मेंअधिप्राप्ति वाले धान उन्हें दिये जाते है. यह चेन
लता रहता है. यह भी संभव है कि मिलों से मिले चावल इसी प्रक्रिया का हिस्सा हों. लेकिन जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता हैं.
