प्रशासन का रूख सख्त, बालू घाटों पर पुलिस गश्त तेज
बांका : जिले में चांदन नदी के बालू घाटों की तसवीर बदल गयी है. इन घाटों पर अब ना कोई बाउंसर है और न ही कोई ट्रक, हायवा और जेसीबी. संवेदक एजेंसी के कैंप और बोर्ड भी हटा दिये गये है. पुलिस इन घाटों पर लगातार गश्त लगा रही है.
उल्लेख्य है कि जिला प्रशासन ने इन घाटों से बालू उठाव पर पूरी तरह रोक लगा दी है. वहीं पुलिस प्रशासन ने किसी भी हालत में बालू उठाव को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. प्रशासन की यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के तत्संबंधी निर्देश के आलोक में हुई है.
हालांकि प्रशासन ने यह कार्रवाई देर से की है, लेकिन दुरुस्त की है. इस कार्रवाई से बालू घाटों पर चल रही हलचल से त्रस्त चांदन नदी के तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. जिले के लोगों ने भी बालू के उठाव पर रोक की प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत किया है.
ज्ञात हो कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने बालू के उत्खनन पर रोक का आदेश जारी करते हुए करीब 10 दिन पूर्व इस आदेश को क्रियान्वित कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश प्रशासनिक महकमे को दिया था. 31 जनवरी इसके लिए अंतिम तिथि निर्धारित थी. लेकिन इस दौरान यहां चांदन नदी के विभिन्न घाटों पर बालू का उठाव युद्ध स्तर पर जारी रहा. प्रभात खबर ने इस खबर को प्रमुखता से छापा. अंतत: 2 फरवरी की शाम से प्रशासन ने बालू उठाव पर रोक लगा दी. नतीजतन रातों रात चांदन नदी के विभिन्न बालू घाट खाली हो गये. खबरों के अनुसार इन घाटों से जुड़े एक-दो व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया. जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया.
