नक्सली प्रतिक्रिया से कई बार सहमा है बांका जिला

बांका : बांका जिले में नक्सली कार्रवाईयों की लंबी फेहरिस्त रही है. वर्ष 2003 के 15 अगस्त की रात बेलहर प्रखंड अंतर्गत बेला पंचायत के मुखिया भोला यादव एवं इससे कुछ वर्ष पूर्व शंभुगंज प्रखंड के बेलारी गांव के किसान गेना लाल झा की सरेआम हत्या, 3 नंबवर 2005 की रात आनंदपुर ओपी के गौरा […]

बांका : बांका जिले में नक्सली कार्रवाईयों की लंबी फेहरिस्त रही है. वर्ष 2003 के 15 अगस्त की रात बेलहर प्रखंड अंतर्गत बेला पंचायत के मुखिया भोला यादव एवं इससे कुछ वर्ष पूर्व शंभुगंज प्रखंड के बेलारी गांव के किसान गेना लाल झा की सरेआम हत्या, 3 नंबवर 2005 की रात आनंदपुर ओपी के गौरा काली मेले में दरोगा की हत्या कर पुलिस बल से आधे दर्जन हथियार लूटने, 25 जनवरी 2006 को खेसर थाना उड़ाने, 2 फरवरी 2006 को बेलहर के बारा गांव में मुखिया अनिल यादव की हत्या,

15 फरवरी 2006 को बारा पचगछिया में आधे दर्जन ट्रैक्टरों को जलाने, 13 अक्तूबर 2009 को संग्रामपुर ब्लॉक उड़ाने, 20 अक्तूबर 2009 को गेरूआ विद्यालय भवन उड़ाने आदि घटनाओं को अंजाम देकर नक्सलियों ने अपनी दमदार मौजूदगी का एहसास जिला पुलिस प्रशासन को कराया. ये सभी घटनाएं किसी न किसी प्रकार नक्सलियों की प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई थी.

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