समस्याओं की मकड़जाल में है शिक्षा विभाग – प्रधानाध्यापक के 758 स्वीकृत में से रिक्त है 720 पद – 4,01,326 छात्र-छात्राओं के लिए सिर्फ 6600 शिक्षक प्रतिनिधि, बांकाबांका जिले में शिक्षा विभाग समस्याओं की मकड़जाल में है. विभाग को जहां अपना भवन नहीं है. वहीं कर्मचारियों का भी घोर अभाव है. स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है सो अलग. इस संबंध में जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री को एक ज्ञापन सौंप कर जिले में बदहाल हो रही शिक्षा व्यवस्था की सुधार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है. संघ की ओर से दिये गये ज्ञापन में कहा गया है कि बांका जिले में जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में लिपिक के 4 स्वीकृत पदों की जगह सिर्फ दो जबकि तीन आदेशपाल के जगह सिर्फ एक कार्यरत है. जिला कार्यक्रम स्थापना लिपिक का भी एक पद रिक्त है. शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय कार्यालय बालिका मध्य विद्यालय एवं बीआरसी भवन में चल रहे है. प्रोन्नति का मामला भी अर्से से रिक्त है. बांका जिले में प्राथमिक विद्यालयों के लिए प्रधानाध्यापक के 758 पद स्वीकृत है. जबकि इसके एवज में सिर्फ 38 पदों पर प्रधानाध्यापक नियुक्त है. शेष 720 पद रिक्त है. स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान कला में भी स्वीकृत 619 पदों की जगह सिर्फ 336 तथा विज्ञान विषय में स्नातक प्रशिक्षित के 639 स्वीकृत पदों के जगह सिर्फ 137 पद पर शिक्षक कार्यरत है. इस वर्ग के क्रमश: 283 एवं 502 पद रिक्त हैं. प्रवर वेतनमान में प्रोन्नति का मामला भी लंबित है. शिक्षकों की स्थिति यह है कि जहां प्रत्येक 60 छात्र-छात्राओं पर एक शिक्षक होना चाहिए वहीं बांका जिले में वर्ग एक से आठ तक के कुल 4,01,326 छात्र-छात्राओं के लिए सिर्फ 6600 शिक्षक है. इससे कक्षा वार शिक्षकों का अभाव है जिसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है.—————
समस्याओं की मकड़जाल में है शक्षिा विभाग
समस्याओं की मकड़जाल में है शिक्षा विभाग – प्रधानाध्यापक के 758 स्वीकृत में से रिक्त है 720 पद – 4,01,326 छात्र-छात्राओं के लिए सिर्फ 6600 शिक्षक प्रतिनिधि, बांकाबांका जिले में शिक्षा विभाग समस्याओं की मकड़जाल में है. विभाग को जहां अपना भवन नहीं है. वहीं कर्मचारियों का भी घोर अभाव है. स्कूलों में शिक्षकों का […]
