कटोरिया में सड़क किनारे खेल रही 5 साल की बच्ची को सांप ने डसा, अस्पताल में भर्ती
Banka News : भीषण गर्मी के बीच बांका जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. कटोरिया के एक गांव में घर के पास खेल रही पांच वर्षीया बच्ची को अचानक सांप ने काट लिया. घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Banka News : कटोरिया प्रखंड के टिटहीवरण गांव में एक पांच वर्षीय बच्ची सर्पदंश की शिकार हो गई. बच्ची घर के समीप सड़क किनारे खेल रही थी, तभी झाड़ी से निकले सांप ने उसके पैर में काट लिया. घटना के बाद परिजनों ने बिना देर किए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया. फिलहाल बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है.
खेलते समय झाड़ी से निकला सांप
जानकारी के अनुसार टिटहीवरण गांव निवासी मुन्ना कुमार यादव की पांच वर्षीया पुत्री साक्षी कुमारी घर के पास सड़क किनारे खेल रही थी. इसी दौरान झाड़ी से निकले एक सांप ने उसके पैर में काट लिया. बच्ची के रोने और चीखने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत अस्पताल ले गए.
अस्पताल पहुंचते ही शुरू हुआ उपचार
सर्पदंश की सूचना मिलते ही कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया. समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण बच्ची को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकी, जिससे स्थिति नियंत्रित रही.
मेडिकल टीम ने की निगरानी
कटोरिया सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विनोद कुमार के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने बच्ची का उपचार किया. चिकित्सकों ने उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी और आवश्यक जांच के बाद इलाज किया.
चिकित्सकों ने दी राहत की खबर
अस्पताल सूत्रों के अनुसार बच्ची की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है. चिकित्सकों का अनुमान है कि जिस सांप ने बच्ची को काटा, वह संभवतः विषैला नहीं था. फिर भी एहतियात के तौर पर बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया और आवश्यक उपचार दिया गया.
गर्मी में बढ़ रही हैं सर्पदंश की घटनाएं
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण सांप और अन्य विषैले जीव-जंतु अपने बिलों से बाहर निकल रहे हैं. इसके चलते ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है. खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास बच्चों तथा ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.
सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए. समय पर चिकित्सा मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक रहने और बच्चों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है.