मालूम हो कि किसान को ओला वृष्टि में बरबाद हुई रबी फसल के लिए मुआवजा देने को लेकर सरकार ने कृषि विभाग को राशि उपलब्ध करायी थी. इसके लिए किसान को फोटो युक्त आवेदन, पहचान पत्र, बैंक खाता एवं जमीन का रसीद देना था. आवेदन जमा होने के बाद किसान सलाहकार ने फसल क्षति की स्थलीय जांच की. जांच के बाद सरकारी प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित किसानों के बैंक खाते में रुपये देने के लिए बैंक को आवश्यक कागजात दिये गये. नियम के अनुसार आवेदक पीड़ित किसान का बैंक खाता रहना अनिवार्य था, लेकिन इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद जिले में पीड़ित किसान के खाते में राशि न भेज कर दूसरे किसान के खाते में राशि भेज देने का मामला सामने आया है.
लापरवाही. फसल क्षति मुआवजा के लिए पीड़ित किसान परेशान दूसरे के खाते में डाल दी राशि
बांका: एक ओर जहां बेमौसम बरसात व आंधी तूफान के साथ हुई ओला वृष्टि ने किसानों को तबाह कर दिया है. वहीं अब मुआवजा राशि लेने में विभागीय कर्मी ने किसानों की परेशानी बढ़ा रखी है. इससे सरकार द्वारा उन्हें दी जाने वाली मुआवजा की राशि प्राप्त करने की उनकी राह मुश्किल होती जा रही […]

बांका: एक ओर जहां बेमौसम बरसात व आंधी तूफान के साथ हुई ओला वृष्टि ने किसानों को तबाह कर दिया है. वहीं अब मुआवजा राशि लेने में विभागीय कर्मी ने किसानों की परेशानी बढ़ा रखी है. इससे सरकार द्वारा उन्हें दी जाने वाली मुआवजा की राशि प्राप्त करने की उनकी राह मुश्किल होती जा रही है.
प्रखंड क्षेत्र करमा पंचायत के गोलाहू गांव निवासी अशोक कुमार सिंह ने करीब तीन बीघा जमीन में कर्ज लेकर गेहूं की खेती की थी, जो ओलावृष्टि में पूरी तरह बरबाद हो गयी. इसके बाद उन्होंने मुआवजा लेने के लिए आवेदन के साथ आवश्यक कागजात कृषि कार्यालय में जमा किया. जहां विभागीय जांच प्रक्रिया पूरी की गयी. लेकिन इसके बाद भी पीड़ित किसान के बैंक खाता संख्या 1635010092302 की जगह उनकी मुआवजा राशि किसी और के खाते में राशि भेज दी गयी. प्रखंड क्षेत्र के अन्य किसानों के खाते में रुपये चले जाने के बाद श्री सिंह ने अपना खाता चेक किया, तो पता चला कि उनकी राशि किसी और के खाते में चली गयी है.
इसके बाद उन्होंने इस बात की शिकायत किसान सलाहकार जीवन सिंह से की. उन्होंने बैंक की लापरवाही के कारण दूसरे के खाते में रुपये जाने की बात कहते हुए किसान को राशि मिल जाने का भरोसा दिया. एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किसान को मुआवजा राशि नहीं मिल पायी है. इससे पीड़ित किसान अपनी शिकायत को लेकर कृषि कार्यालय का चक्कर लगा रहे है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. वहीं प्रखंड क्षेत्र के करीब दो दर्जन किसानों के खाते में अभी भी राशि नहीं मिल पायी है. वे भी कृषि कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं.
कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी
प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि मामले मेरे संज्ञान में नहीं आया है. पीड़ित किसान द्वारा आवेदन दिये जाने पर मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.