जिला मुख्यालय से सटे गांवों का नहीं हुआ है विकास

बांका: आजादी के छह दशक बाद भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. गांव में सड़क का निर्माण अब तक नहीं कराया गया है. रोशनी के लिए बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है. गांव में सोलर लाइट भी नहीं लगायी गयी है. वहीं पेयजल के लिए चापाकल आबादी के अनुसार नहीं लगाया गया है. इस […]

बांका: आजादी के छह दशक बाद भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. गांव में सड़क का निर्माण अब तक नहीं कराया गया है. रोशनी के लिए बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है. गांव में सोलर लाइट भी नहीं लगायी गयी है. वहीं पेयजल के लिए चापाकल आबादी के अनुसार नहीं लगाया गया है. इस गांव में जनजाति समुदाय के लोग निवास करते है.

इनके उत्थान के लिए सरकार ने कई योजनाएं चला रखी है. बावजूद इसके जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक उदासीनता के कारण गांव में सुविधाओं का अभाव है. केंद्र सरकार हर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने बिजली, पानी, शौचालय आदि सुविधाओं से लैस करने की बात करते हैं, लेकिन मुख्यालय से महज सात किमी की दूरी पर अवस्थित गांव में कोई सुविधा नहीं है. शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी केंद्र नहीं स्कूल नहीं ऐसे गांव के बच्चे शिक्षा ग्रहण कैसे करेंगे सबसे बड़ा सवाल है. ग्रामीण शंभु टुडू व रमेश हांसदा ने बताया कि सड़क के लिए मुखिया से शिकायत की लेकिन उन्होंने आश्वासन तो दिया पर अब तक सड़क नहीं बन पाया है. सीताराम मुर्मू व वीरेंद्र टुडू ने बताया कि गांव में 125 घर करीब हैं पानी की समस्या है. वहीं मीना टुडू एवं मक्खन देवी ने बताया कि पानी के लिए गांव में एक ही चापाकल है. इसी पर पूरा गांव निर्भर है. गर्मी के मौसम में ठीक से काम नहीं करता है.

कहते हैं पंचायत के मुखिया
इस संबंध में पंचायत के मुखिया रविन्द्र कुमार बिताया कि जोजोडीह तीन टोला में है जिसमें एक टोला में पीसीसी सड़क बनवाया गया है. चापानल भी लगाया गया है. दूसरे टोला में सड़क के लिए माड़ा से किया जा रहा था. जो अभी अधूरा है. बाकी समस्या में के लिए प्रयास किया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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