BANKA : सफाई कर्मियों की हड़ताल से बौंसी बेहाल, सड़कों पर पसरा कचरा
नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है.सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण शहर की सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लगने लगा है.
बौसी (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट:
नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है.सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण शहर की सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लगने लगा है.नालियों की सफाई बंद होने से लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है.नगरवासियों में संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गयी है.नगर पंचायत के सफाई कर्मी गौतम कुमार को कार्य से हटाने और अन्य लंबित मांगों को लेकर बुधवार को सफाई कर्मियों ने मेला मैदान स्थित मंच पर धरना-प्रदर्शन किया.
सफाई कर्मियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
इंटक जिलाध्यक्ष विनय कापरी के नेतृत्व में सफाई कर्मियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. धरना पर बैठे सफाई कर्मियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और हटाये गये कर्मी को दोबारा काम पर नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. हड़ताल के कारण मंगलवार से ही नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी हुई है. जगह-जगह कूड़े का ढेर जमा होने लगा है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. सफाई कर्मी गौतम कुमार, प्रवीण हरिजन, पंकज कुमार, रामदास, चुना देवी, पूनम देवी समेत अन्य कर्मियों ने बताया कि नगर पंचायत प्रशासन की ओर से लगातार उपेक्षा की जा रही है .सफाई कर्मियों का कहना है कि समय पर वेतन भुगतान नहीं किया जाता, मानदेय भी काफी कम है और सफाई कार्य के लिए जरूरी उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए जाते.कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई सफाईकर्मियों का पीएफ खाता अब तक नहीं खुला है. सामाजिक सुरक्षा पेंशन और बीमा जैसी सुविधाओं से भी उन्हें वंचित रखा गया है.इन मांगों को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगायी गयी, लेकिन कोई पहल नहीं हुई. धरना को संबोधित करते हुए इंटक जिलाध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मियों की मांगें जायज हैं. नगर पंचायत प्रशासन को अविलंब पहल कर समस्या का समाधान करना चाहिए, ताकि नगर की सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट सके.उन्होंने बताया कि मामले से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी, श्रम अधीक्षक, एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को सौंपा गया है. इधर, सफाई व्यवस्था ठप होने से आम लोगों में नगर पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है.लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो गंदगी के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है. इस मामले में पूछे जाने पर नगर पंचायत की स्वच्छता पदाधिकारी शिप्रा मालवीय ने बताया कि विभाग के द्वारा सफाई सुपरवाइजर की मिनिमम योग्यता ग्रेजुएशन होना अनिवार्य है. विभाग से इसके लिए निर्देश भी दिया गया है. साथ ही सफाई के उपकरण सफाई कर्मियों को उपलब्ध कराये गए हैं. लगाया गया आरोप सरासर निराधार और बेबुनियाद है. सफाई एजेंसी से कार्य होने पर सफाई कर्मियों को पीएफ की सुविधा मिलेगी.