BANKA : हल्की बारिश में डूब जाती है सड़क
नगर पंचायत क्षेत्र के अचारज मोहल्ला में जलजमाव की समस्या अब लोगों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है. हल्की बारिश होते ही मोहल्ले की मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है.
बौसी ( बांका ) से संजीव पाठक की रिपोर्ट :
नगर पंचायत क्षेत्र के अचारज मोहल्ला में जलजमाव की समस्या अब लोगों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है. हल्की बारिश होते ही मोहल्ले की मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है. सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बाइक चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत की उदासीनता और बदहाल जलनिकासी व्यवस्था के कारण वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया.स्थानीय राकेश कुमार, पंकज साह,मोनू कुमार, राजेश रंजन सहित मोहल्लेवासियों का कहना है कि बारिश के बाद सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है. कई जगहों पर कीचड़ और गंदा पानी जमा रहने से फिसलकर गिरने की घटनाएं भी लगातार हो रही हैं. लोगों ने बताया कि जलनिकासी के लिए न तो नालों की नियमित सफाई होती है और न ही पानी निकासी की कोई ठोस व्यवस्था की गई है. इसका खामियाजा रोजाना आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसी इलाके में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार का निजी क्लीनिक भी स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. लेकिन क्लीनिक तक पहुंचने वाली सड़क पर जलभराव रहने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई मरीजों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है. सड़क पर जमा गंदा पानी अब मच्छरों का अड्डा बन चुका है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. लोगों का कहना है कि नगर पंचायत सिर्फ कागजों पर विकास का दावा करती है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह बदहाल है. मोहल्लेवासियों ने नगर प्रशासन से अविलंब जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने, नालों की सफाई कराने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है. लोगों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.