इसके बावजूद उनका नाम पारिवारिक सर्वेक्षण सूची एपीएल में डाल दिया गया है. इससे वह गरीबी रेखा के नीचे जीवन व्यतीत करने के बाद भी सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. कहा कि अप्रैल माह में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आवेदन देकर गुहार लगाने के बाद भी अब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिला है. वहीं आरक्षी अधीक्षक के जनता दरबार में पुरुषों के 52 व महिलाओं के 21 मामले आये. जिसमें अधिकतर मामले मारपीट, थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं करना, महिला उत्पीड़न एवं भूमि विवाद से संबंधित मामले थे.
रजाैन थाना अंतर्गत नरीपा गांव के मसोमात चमेली देवी ने एसपी को आवेदन देकर गुहार लगाया कि गांव के ही ब्रज बिहारी सिंह सहित आठ लोगों ने 13 मई को संध्या सात बजे उनके घर में घुस कर घर उजाड़ते हुए जाति सूचक गाली-गलौज करने लगा साथ ही परिवार के सदस्य मसोमात कुंती देवी के हाथ व गले से चांदी का जेवर खींच लिया. थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद भी नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध पुलिस के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी है. वह स्वतंत्र होकर घूम रहे हैं. वहीं पंजवारा थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव निवासी शिव शंकर ठाकुर उर्फ गरीब ठाकुर ने एसपी को आवेदन देकर गुहार लगायी कि 15 मई को पंजवारा नदी के समीप महेंद्र यादव व उनके साथ अज्ञात लोगों ने लाल रंग की मोटरसाइकिल पर जबरन बैठा लिया व पुनसिया के नजदीक पहाड़ के समीप पिस्तौल सटा कर चार पांच सादे व स्टांप पेपर पर अंगूठे का निशान लगा कर चार बजे सुबह भागलपुर के दाउदवाट के समीप रोड पर छोड़ दिया. इसके बाद उन्होंने पंजवारा थाना में इसकी सूचना दी, लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा आवेदन नहीं लिया गया.
