रजौन : चोरी व लूट जैसी वारदातों से रजौन का रिश्ता काफी पुराना रहा है. वर्ष 2014 के जून तक की तुलना में 2015 का ग्राफ काफी आगे बढ़ गया है. खासकर चोरी की घटनाओं में तो काफी इजाफा हुआ है. चोर-बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. लोगों का मानना है कि पुलिस प्रशासन का डर चोर-उचक्कों को नही रह गया है.
हाल के दिनों में अपराध घटने के बजाय बढ़ गया है. समाज के लोग इस सुशासन बाबू की सरकार में भी अपने आप को सुरक्षित नहीं मान रहे हैं. लोग अपने दिनचर्या के कायार्ें को जल्द निबटा कर अपने घरों की ओर रूख करने में ही भलाई समझते है. हालांकि ऐसी बात नहीं कि पुलिस कारवाई नहीं करती है बावजूद इसके अपराधी पुलिस से बेखौफ हैं. बता दें कि वर्ष 2015 में सात जनवरी को रजौन बाजार के आभूषण व्यवसायी सुभाष स्वर्णकार के ज्वेलरी दुकान का ताला तोड़ कर लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति चुरा ले भागे.
वहीं 17 जनवरी को पुनसिया में पूर्व विधायक का घर फूं का गया और सदमें में विधायक की मौत हो गयी. 23 जनवरी को खैरा के राम जानकी मंदिर की बेश कीमती मूर्ति चोरी चली गयी. मार्च में भवानीपुर में किशनपुर के अपराधियों ने उत्पात मचाया था साथ ही मार्च माह में ही सोहानी के समीप पंचायत सचिव विंदेश्वरी दास से मारपीट करते हुए रुपये छिन लिये गये. वहीं दो अप्रैल को रजौन बाजार से व्यवसायी रंजीत यादव की बोलेरो वाहन चोरों ने उड़ा लिया था.
