बांका: नगर पंचायत अंतर्गत सैजपुर वार्डनंबर पांच के निवासी अविनाश कुमार मंडल ने सदर अस्पताल के एएनएम पर इलाज के नाम पर रुपये वसूल का आरोप लगाया है. आवेदक ने बताया कि मंगलवार को मेरा भाई पंकज कुमार अपनी पत्नी का इलाज कराने अहले सुबह सदर अस्पताल पहुंचे थे.
ड्यूटी पर तैनात एएनएम व कर्मी द्वारा 1500 रुपये की मांग की गयी. जब पैसे देने से इंकार किया तो उसे अस्पताल से ले जाने की बात कही गयी. रुपये अस्पतालकर्मी द्वारा मांगे जाने की बात पंकज कुमार ने बड़े भाई को बताया. फिर वार्ड पार्षद गिरीश मंडल के साथ अविनाश कुमार मंडल अस्पताल पहुंचे फिर रुपये देन के बाद समुचित इलाज किया गया. इस संबंध में गिरीश मंडल का कहना कि जब सरकार मरीजों के इलाज के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराती है, अस्पताल कर्मी को मासिक पगार मिलती है तो मरीजों से इलाज के नाम पर नाजायज रकम की मांग क्यों की जाती है? जिला प्रशासन अस्पताल कर्मी के रवैये पर ध्यान दे तो और भी कई अनियमितता के मामले यहां सहज ही उजागर हो जायेंगे.
अस्पताल में जिनके पास रुपये नहीं है वह प्रसूता वार्ड में भरती नहीं हो पाते हैं. क्योंकि मरीज को बीमारी से ज्यादा पेरशानी नहीं हो तो 200-300 रुपये में काम चल जाता है अन्यथा प्रसूता वार्ड में इलाज के लिए 1000-2000 रुपये की कीमत चुकानी पड़ती है. रकम देने में आनाकानी करने पर मरीज को सीधे भागलपुर रेफर कर दिया जाता है.
पंकज कुमार की पत्नी प्रियंका कुमारी जब इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंची तो उनके परिजनों से रुपये की मांग की गयी. रुपये देने से इंकार करने पर प्रियंका कुमारी को रेफर करने की बात कही. फिर परिजनों द्वारा रुपये दिये जाने पर उसका समुचित इलाज वहीं पर कर दिया गया. साफ जाहिर होता है कि अस्पताल में किस कदर भ्रष्टाचार को बोलबाला है. वरीय पदाधिकारी की मिलीभगत के कारण ऐसे छोटे-बड़े शिकायत को नजर अंदाज कर दिया जाता है.
