शंभुगंज. प्रखंड क्षेत्र के भरतशिला पंचायत अंतर्गत कानी मोड़ गांव में आजादी के बाद भी अब तक बिजली नहीं पहुंची है. इसके कारण गांव के सैकड़ों परिवार लालटेन युग में जी रहे है. सरकार द्वारा बार- बार घोषणा की जा रही है कि हर गांव में बिजली एवं सड़क सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी, पर कानी मोड़ गांव में सड़क एवं बिजली का कोई सुविधा नहीं है. यह गांव शंभुगंज-खेसर मुख्य पथ से लगभग एक किलो मीटर दूरी पर स्थित है. ग्रामीण विवेकानंद झा, शंकर पाठक, मुकेश पाठक, हरे कृष्ण झा, आशीष झा सहित अन्य ने बताया कि 1987-88 में एक बार बिजली का पोल तार दिया गया था. कुछ दिन बिजली आपूर्ति भी हुई थी, लेकिन चोर द्वारा पीपरा के पास बिजली का तार काट देने पर आपूर्ति बंद हो गयी. इनलोगों ने बताया कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत एक वर्ष पूर्व सर्वेक्षण किया गया था. तब उम्मीद थी कि जल्द ही बिजली गांव पहुंचेगी, लेकिन आज तक बिजली नहीं पहंुची. इससे ग्रामीणों में नाराजगी है. इन लोगों का कहना था कि अगर वर्षा के पूर्व बिजली नहीं आयी, तो इसके लिए जन आंदोलन करेंगे.
लालटेन युग में जी रहे हैं भरतशिला पंचायतवासी
शंभुगंज. प्रखंड क्षेत्र के भरतशिला पंचायत अंतर्गत कानी मोड़ गांव में आजादी के बाद भी अब तक बिजली नहीं पहुंची है. इसके कारण गांव के सैकड़ों परिवार लालटेन युग में जी रहे है. सरकार द्वारा बार- बार घोषणा की जा रही है कि हर गांव में बिजली एवं सड़क सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी, पर कानी […]
