शंभुगंज: प्रखंड क्षेत्र के मुख्य जलानी ग्रामीण पथ, जो अंगरेजों के समय बनाया गया है, यह बांका एवं मुंगेर जिले को जोड़ता है. यह पथ खेसर से तारापुर तक 18 किलोमीटर लंबा है. यह सड़क जोगिया, भरतशिला, परमानंदपुर, भूमिहारा, इटवा, हस्तीनापुर, भलुआ, मंझगांय, गुलनी कुशाहा, छत्रहार सहित अन्य गांवों के लिए मुख्य सड़क है. इस सड़क में प्रतिदिन दर्जनों से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन खेसर से तारापुर तक चलते हैं.
इस सड़क से तारापुर, सुलतानगंज रेलवे स्टेशन, भागलपुर प्रतिदिन हजारों लोग इसी वाहन से जाते आते है. बिहार के चौमुखी विकास की बात करने वाली सरकार के जन प्रतिनिधि भी इस पथ से आते-जाते हैं, लेकिन जलानी पथ की दुर्दशा उन्हें नहीं दिखती है. सड़क की जजर्र हालत देखते हुए क्षेत्र के पंकज शर्मा, मणि भूषण ठाकुर, धर्मेद्र सिंह, अरविंद मिश्र, रणवीर सिंह, प्रो गोकुल प्रसाद सिंह, देवेंद्र वर्मा, पांडव सिंह आदि ने कहा कि अगर सरकार बिहार का विकास करना चाहती है, तो सिर्फ वादों से नहीं, बल्कि धरातल पर भी उतरना होगा. जलानी पथ की हालत ऐसी है कि इस सड़क पर पैदल चलना भी खतरे को दावत देना है.
खास कर बरसात के दिनों में आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. आमजनों की मांग एवं सड़क की जजर्र हालत को देखते हुए पूर्व सांसद स्व. दिग्विजय सिंह के समय ही इस सड़क का जिर्णोद्धार किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे सड़क पुन: अपने पूर्व की अवस्था में पहुंच गयी है. जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारियों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है. इसलिए क्षेत्र के लोग अब आंदोलन करने का मूड बना रहे हैं.
