बारिश ने फेर दिया किसानों के सपनों पर पानी

फोटो नंबर 3 से 9 तक : किसानों की तस्वीर -धोरैया के किसानों की मेहनत पर फिर गया पानी-अब किसानों के पर धौंस जमां रहे हैं महाजन-विभागीय मुलाजिमों ने नहीं किया मुआयनाप्रतिनिधि, धोरैयाबेमौसम बारिश ने किसानों को मजदूर बनने की राह पर चलने को विवश कर दिया है. धोरैया के किसानों की जान सांसत में […]

फोटो नंबर 3 से 9 तक : किसानों की तस्वीर -धोरैया के किसानों की मेहनत पर फिर गया पानी-अब किसानों के पर धौंस जमां रहे हैं महाजन-विभागीय मुलाजिमों ने नहीं किया मुआयनाप्रतिनिधि, धोरैयाबेमौसम बारिश ने किसानों को मजदूर बनने की राह पर चलने को विवश कर दिया है. धोरैया के किसानों की जान सांसत में है. सरकारी दर पर अनुदानित बीज से वंचित किसानों की फसल में दाना नहीं आया. रही सही कसर बेमौसम की बारिश व ओलावृष्टि ने पूरी कर दी. सपने के बिखरने व उम्मीदों के टूटने से किसान हताश हैं. धोरैया प्रखंड के सैकड़ों गांवों के किसान अब दो जून की रोटी के लिए परदेस की ओर रुख कर रहे हैं. कहते हैं पीडि़त किसानधोरैया घसिया के मृत्युंजय सिंह, नारायण यादव, गोनरचक के कंतलाल यादव, रहमानकित्ता के पूर्व पंसस राजेंद्र यादव, रणगांव बुजूर्ग के मकबूल अंसारी, बिशनपुर के शिवशंकर ठाकुर आदि ने कहा कि एक तो कर्ज लेकर खेती की, ऊपर से प्रकृति की मार ने कमर तो दी है. गेहूं में अंकुरन शुरू हो गया है. खलिहान में लाये गये गेहूं में भी पानी जमा रहने से उसकी प्राकृतिक चमक खत्म हो गयी. चना व अन्य फसलों की भी यही स्थिति है. कहते हैं डीएओजिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि सभी प्रखंडों से रिपोर्ट मंगायी जा रही है. मुआवजा के लिए राज्य सरकार को पत्र प्रेषित किया जा रहा है. सिंचित फसल के लिए नौ हजार प्रति हेक्टेयर व असिंचित फसल के लिए साढ़े चार हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >