शिक्षकों की समस्या पर सरकार का ध्यान नहीं

बांका: जिले में नियोजित विभिन्न संघ के सदस्यों ने सरकार के प्रति भड़ास निकालते हुए कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, अभियंता, एएनएम, सुरक्षाकर्मी व अन्य विभाग में नियोजित कर्मियों का जमावड़ा लगा हुआ है. शिक्षकों की समस्या से बेसुध सरकारी महकमा न्याय संगत नजरिया रखती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधि को सबक सिखाया जायेगा. […]

बांका: जिले में नियोजित विभिन्न संघ के सदस्यों ने सरकार के प्रति भड़ास निकालते हुए कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, अभियंता, एएनएम, सुरक्षाकर्मी व अन्य विभाग में नियोजित कर्मियों का जमावड़ा लगा हुआ है. शिक्षकों की समस्या से बेसुध सरकारी महकमा न्याय संगत नजरिया रखती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनप्रतिनिधि को सबक सिखाया जायेगा.

आर्थिक विपन्नता का राग अलाप रही सरकार को जनप्रतिनिधि के नियोजन के बाद खजाने में अन्य नियोजितों को आवश्यक सुविधा देने के लिए धन की कमी नहीं होगी. साथ ही आम अवाम को जनहित के लिए विकास मद में राशि खर्च करने का भी मौका मिल सकेगा. प्राथमिक मध्य विद्यालय ककना की नियोजित शिक्षिका पूनम कुमारी ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करे.

वहीं अभय कुमार, सुबोध कुमार मिश्र, सदाशिव मिश्र व कुमार सौरव ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा व दक्षता परीक्षा को आधार बना गया है. जबकि विधायक, सांसद, मंत्री व अन्य आलाकमान की नियुक्ति में सरकार का कोई आधार नहीं है.

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