प्रतिनिधि पंजवारा:बिजली विभाग के कर्मी अपने कार्य के प्रति कितने गंभीर हैं. यह इस बात से पता चलता है कि मात्र दो दिन पूर्व पंजवारा पुरानी हाट के समीप लगा नया ट्रांसफॉर्मर जल कर खाक हो गया, जबकि पिछले एक माह से पंजवारा का एक बड़ा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है. स्थानीय लोगों के अथक प्रयास से जब विभाग की नींद टूटी तो उन्होंने काफी विवाद के बाद ट्रांसफॉर्मर को बदलने का काम शुरू किया था लेकिन ट्रांसफॉर्मर बदलने के नाम पर जो काम किया गया वो सबके सामने दिखलायी देने लगा. इन अधिकारियों को उस सरकारी आदेश की भी कोई चिंता नजर नहीं आती जिसमें कहा गया है की शहरी क्षेत्र में जल गये ट्रांसफॉर्मर को 24 घंटे की कार्य अवधी में बदल दिया जाय. इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की खराबी होने पर 24 घंटे से लेकर 72 घंटे के भीतर काम करने की बात कही गयी, लेकिन यहां इस आदेश का दूर-दूर तक कोई पालन होता नहीं दिखलायी पड़ता. विभाग की इस लापरवाही के कारण इन दिनों परीक्षा का मौसम होने की वजह से खासकर छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बिजली की बेरुखी से स्थानीय लोगों के व्यापार भी प्रभावित हो रहे हैं.कहते हैं अधिकारीइस पूरे मामले पर विभाग के कार्यपालक अभियंता गौरव पांडेय से पूछा गया तो उनका कहना था की विभाग पूर्व से ही वहां के लोड के मुताबिक दो ट्रांसफॉर्मर लगाने की दिशा में अग्रसर था. लेकिन स्थानीय लोगों ने काम बंद करवा दिया था.लोड की वजह से ट्रांसफॉर्मर जल गया है.शीघ्र ही जल चुके ट्रांसफॉर्मर को बदला जायेगा.
एक माह से अंधेरे में डूबा है गांव
प्रतिनिधि पंजवारा:बिजली विभाग के कर्मी अपने कार्य के प्रति कितने गंभीर हैं. यह इस बात से पता चलता है कि मात्र दो दिन पूर्व पंजवारा पुरानी हाट के समीप लगा नया ट्रांसफॉर्मर जल कर खाक हो गया, जबकि पिछले एक माह से पंजवारा का एक बड़ा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है. स्थानीय लोगों के […]
