बेटियों की तालीम में अब पीछे नहीं हैं अल्पसंख्यक समुदाय

– उस्तानियां की परीक्षा में ज्यादातर हैं लड़कियांफोटो 24 बांका 13 : परीक्षा देती छात्रा प्रतिनिधि, धोरैया बेटियों को अब तालीम देने में अल्पसंख्यक समुदाय पीछे नहीं है. मजहबी तालीम ही नहीं आगे बढ़ने के लिए आधुनिक तालीम भी लेने लगे हैं. अतिपिछड़ा धोरैया क्षेत्र के कुरमा पंचायत के जियाउल उलुम मदरसा कुरमा में इसकी […]

– उस्तानियां की परीक्षा में ज्यादातर हैं लड़कियांफोटो 24 बांका 13 : परीक्षा देती छात्रा प्रतिनिधि, धोरैया बेटियों को अब तालीम देने में अल्पसंख्यक समुदाय पीछे नहीं है. मजहबी तालीम ही नहीं आगे बढ़ने के लिए आधुनिक तालीम भी लेने लगे हैं. अतिपिछड़ा धोरैया क्षेत्र के कुरमा पंचायत के जियाउल उलुम मदरसा कुरमा में इसकी एक झलक देखने को मिली. मंगलवार को उस्तानियां (आठवां बोर्ड) की परीक्षा में आधे से अधिक की संख्या में उपस्थित लड़कियों की संख्या इसी बात की ओर इशारा कर रही थी. इस परीक्षा केंद्र पर अनुमंडल के 251 परीक्षार्थियों ने भाग लिया. परीक्षा देने के लिए दर्जनों गांवों की महिलाएं व लड़कियां शामिल थी, जहां कभी बेटियों को तालीम से अलग रखा जाता था. कुरमा के परीक्षा नियंत्रक व मदरसे के हेड मौलवी मो मकसुद रहमानी व सचिव परवेज अख्तर भी छात्राओं की बढ़ती भागीदारी से आश्चर्य चकित है.

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