बिजली कनेक्शन कटने से आक्रोश

प्रतिनिधि, पंजवाराबिजली विभाग द्वारा बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाने से गोविंदपुर गांव का अधिकतर भाग अंधेरे में है. हालांकि इस कार्रवाई के लिए ग्रामीण और बिजली विभाग के अपने-अपने तर्क हैं. इन सबके बीच ग्रामीणों में विभाग और खासकर लाइनमैन के खिलाफ आक्रोश है. ग्रामीणों के मुताबिक सारा खेल अवैध वसूली का है. जानकारी […]

प्रतिनिधि, पंजवाराबिजली विभाग द्वारा बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाने से गोविंदपुर गांव का अधिकतर भाग अंधेरे में है. हालांकि इस कार्रवाई के लिए ग्रामीण और बिजली विभाग के अपने-अपने तर्क हैं. इन सबके बीच ग्रामीणों में विभाग और खासकर लाइनमैन के खिलाफ आक्रोश है. ग्रामीणों के मुताबिक सारा खेल अवैध वसूली का है. जानकारी के मुताबिक कभी भी ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग के कर्मियों पर फूट सकता है. ग्रामीणों की मानें तो जिस अवधि का बिजली बिल बकाया होने की बात कह कर बिना किसी पूर्व सूचना के कनेक्शन काटा गया, उससे बिजली विभाग एवं लाइनमैन की कार्रवाई पर संदेह पैदा होता है. ग्रामीणों का आरोप था की गांव में बिजली सेवा काफी समय से बाधित थी. इसकी सूचना समय-समय पर कई बार बिजली विभाग के आलाधिकारियों को लिखित तौर पर दी गयी, लेकिन विभाग ने कभी भी समस्या पर गौर करना मुनासिब नहीं समझा. ग्रामीण परमानंद बगवै, मुरारी मंडल, गणेश मंडल, निरंजन मंडल, दर्शन मंडल, अशोक कुमार बगवै ने बताया की उनके द्वारा कई बार से आवेदन दिया जा रहा है कि गांव बिजली बाधित है. बीच नदी में ग्यारह हजार का पोल गिर गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उल्टे गांव की बिजली काट दी. ग्रामीणों ने बताया की अगर गांव में बिजली निर्बाध रूप से मिलती रहे, तो उसका बिल कौन नहीं देना चाहेगा. पर, अगर बिना बिजली जलाये बिल लिया जाता है और कनेक्शन काटा गया है. इसके लिए ग्रामीण चरणबद्ध आंदोलन करेंगे.

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