एसडीओ के स्थानांतरण से बुद्धिजीवियों में निराशा

– विवादों को सुलझाने में माहिर रहे हैं एसडीओ फोटो 6 बांका 13 : एसडीओ की तसवीर. प्रतिनिधि, धोरैया ऐसे तो पदाधिकारियों का आना-जाना सरकारी नियमावली के तहत सिस्टम में शामिल है, लेकिन किसी पदाधिकारी का जाना लंबे समय तक के लिए यादगार रहता है. बांका के अनुमंडल पदाधिकारी शिवकुमार पंडित का स्थानांतरण हो गया […]

– विवादों को सुलझाने में माहिर रहे हैं एसडीओ फोटो 6 बांका 13 : एसडीओ की तसवीर. प्रतिनिधि, धोरैया ऐसे तो पदाधिकारियों का आना-जाना सरकारी नियमावली के तहत सिस्टम में शामिल है, लेकिन किसी पदाधिकारी का जाना लंबे समय तक के लिए यादगार रहता है. बांका के अनुमंडल पदाधिकारी शिवकुमार पंडित का स्थानांतरण हो गया है. इससे क्षेत्र के बुद्धिजीवी काफी मर्माहत हैं. बांका में योगदान के बाद से ही अनुमंडल पदाधिकारी ने सबों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण बना कर काम किया. कभी ये प्रशासनिक पदाधिकारी के रूप में काफी रौब में दिखे तो कभी एक सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका में. अपने कार्यकाल के दौरान इन्हें काफी कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन पद की गरिमा को बरकरार रखते हुए इन्हौंने अपने कार्यों का निर्वहन निष्ठा के साथ किया. दो पक्षों में तनाव की उत्पन्न सूचना पर ये फौरन पहुंच जाते थे. तनावपूर्ण माहौल को समझौता करा कर घंटों में सौहार्दपूर्ण वातावरण में बदल देना इनकी अनुठी कार्यशाली में शामिल था. प्रशासनिक पदाधिकारी की बात करें तो इनसे असामाजिक तत्व कोसों दूर रहा करते थे. जनवितरण प्रणाली की बात करें तो ये जबतक रहे पूरे अनुमंडल में बड़ी अनियमितता की कोई बात सामने नहीं आयी. खाद्य सुरक्षा नियमावली के तहत उठाव व वितरण नियमित होता रहा. धोरैया के कुरमा, भूसार व धनकुंड ओपी क्षेत्र के खैरा गांव में उत्पन्न विवाद के हल में भी एसडीओ ने सराहनीय भूमिका निभायी. अब नये अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में आने वाले शंकर शरण ओमी से भी यहां के आम आवाम को काफी उम्मीदे है.

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