पंजवारा:क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेय जल मिलना सपना बन कर रह गया है. वर्षो पूर्व बने वाटर सप्लाई की व्यवस्था सरकारी रख रखाव और बदइंतजामी के कारण शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. जगह-जगह पूर्व से बिछाया गया पाइप टूट फूट कर बरबाद हो रहा है, लेकिन इस ओर विभाग बेखबर बना […]
पंजवारा:क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेय जल मिलना सपना बन कर रह गया है. वर्षो पूर्व बने वाटर सप्लाई की व्यवस्था सरकारी रख रखाव और बदइंतजामी के कारण शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. जगह-जगह पूर्व से बिछाया गया पाइप टूट फूट कर बरबाद हो रहा है, लेकिन इस ओर विभाग बेखबर बना हुआ है.
हालांकि पंजवारा में पंप द्वारा सीधे नलों तक पानी बिजली की उपलब्धता पर दी जाती थी, लेकिन हाल के कुछ वर्षो में विभाग ने बिजली के लो वोल्टेज को कारण बता इस कार्य से इतिश्री कर ली. स्थानीय जबरन दास कहते हैं कि यहां पर जल मीनार बनाने के लिए विभाग ने वर्षो पहले जमीन की घेराबंदी तक कर ली, लेकिन कुछ सरकारी बाबुओं की मेहरबानी से उस जमीन पर लोगों ने अपना हक जमा कर उसे बेचने की जुगत लगा ली है.
रूपेश कुमार ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ-साथ प्रशासन के लोग भी शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं कराने के लिए कम दोषी नहीं है. वर्षो पहले अगर विभाग द्वारा ली गयी जमीन पर जल मीनार के लिये प्रयास किया जाता, तो अब तक यहां के लोग पानी के लिए नहीं तरसते.
जलमीनार की जमीन को बचाये विभाग : पंजवारा के प्रो विजय कुमार मिश्र ने कहा कि बिजली विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग बिल्कुल निकम्मा साबित हो रहा है. अगर बिजली लो वोल्टेज की समस्या ठीक हो जाये तो इसे सुधारा जा सकता है. कैलू दास कहते हैं कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभाग को जल मिनार की जमीन को बचना चाहिए.