शाम होते ही मंदार की चमक फीकी

बांका : समुद्र मंथन का गवाह है मंदार पर्वत. जिले में जैन, सफा व हिंदुओं के समागम का प्रतिक है मंदार पर्वत. जिले की पहचान है, उत्थान है यह पर्यटनस्थल. लेकिन, अफसोस कि 25 साल से अंधेरे में डूबा है. उपेक्षा के शिकार पर्वत पर अब तक बिजली की व्यवस्था नहीं हो पायी है. पर्यटन […]

बांका : समुद्र मंथन का गवाह है मंदार पर्वत. जिले में जैन, सफा व हिंदुओं के समागम का प्रतिक है मंदार पर्वत. जिले की पहचान है, उत्थान है यह पर्यटनस्थल. लेकिन, अफसोस कि 25 साल से अंधेरे में डूबा है. उपेक्षा के शिकार पर्वत पर अब तक बिजली की व्यवस्था नहीं हो पायी है.

पर्यटन के मानचित्र पर जगह बना चुके मंदार में देश-विदेश से प्रतिदिन सैंकड़ों पर्यटक आते रहते हैं. जिले के निवासी डॉ जावेद इकबाल अंसारी के पर्यटन मंत्री बनने के बाद भी मंदार की यह दुर्दशा लोगों की चिंता का विषय बनी हुई है. मंदार पर्वत के आरोहण के क्रम में पेयजल की समस्या पहले से ही बरकरार है. झपनियां के मिंटू सिंह, सबलपुर निवासी ललन कुमार सिंह, जयवंत कुमार सहित अन्य ने जानकारी दी कि करीब 25 साल पहले तक पर्वत के शिखर तक बिजली थी. उसके लिए आज भी पर्वत पर बिजली के खंभे देखे जा सकते हैं.

हालांकि, आज शाम ढलने से पहले ही पर्वत सुनसान हो जाता है. बिजली सुविधा मिलने से रात में मंदार पर्यटन का आनंद लोग उठा पायेंगे. जैन मंदिर के साथ भेदभाव का आरोप : बांका . जैन मंदिर प्रबंधन समिति मंदार के अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकार पर ही भेदभाव का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि वे लोग कम संख्या में हैं, इसलिए उनके साथ भेदभाव हो रहा है. सरकार की योजना से पर्वत के मध्य सीता कुंड तक सीढ़ी का निर्माण कराया गया.

उसके बाद सीढ़ी का निर्माण नहीं किया गया है. उनके भगवान वासु पूज्य की पौराणिक प्रतिमा व मंदिर पर्वत शिखर पर है. फिर भी सीढ़ी नहीं रहने से यहां पहुंचने वाले तीर्थयात्री व स्कूली भ्रमण पर आये बच्चे गिरते व चोटिल होते हैं. शिखर तक सीढ़ी निर्माण व बिजली सुविधा बहाल करने की मांग की है.

* क्या है मंदार का महत्व

जानकारी के अनुसार मंदार पर्वत के शिखर पर जैन धर्म के 12 वें तिर्थंयंकर भगवान वासु पूज्य की मंदिर व प्रतिमा स्थापित है. वहां देश भर से जैन समुदाय के लोग आते रहे हैं. कहते हैं कि यहां उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ था. सफा धर्म के लोग भी यहां स्थित मंदिर में पूजा को पहुंचते हैं. पापहरणी सरोवर स्थित लक्ष्मी मंदिर में दर्शन के लिए सालोभर भीड़ बनी रहती है. इसके अलावे मंदार पर्वत का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटक को रोमांचित करता है. इसके अलावे सीता कुंड, नरसिंह गुफा, शंख कुंड सहित अन्य देखने व जानने वाली वस्तु पर्वत के आरोहण पर मिलती है.

* क्या कहते हैं पर्यटन मंत्री

पर्यटन मंत्री डॉ जावेद इकबाल अंसारी ने कहा कि मंदार में पांच हाईमास्ट लाइट लगाये जाने की योजना है. प्रपोजल भेजा गया है. मंदार पर्वत पर लाइट के लिए फॉरेस्ट विभाग को प्रस्ताव देना होगा. पास होने पर शिखर तक हाईमास्ट लाइट लगायी जायेगी.

* मंदार जैन मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने कहा

मंदार जैन मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पवन कुमार जैन ने कहा कि मंदार गिरि जी दिगबंर जैन का सिद्ध क्षेत्र मंदार में देश भर जैन यात्री दर्शन को आते है. पर्वत के शिखर पर वासुपूज्य का मंदिर है. मगर पूरे पर्वत पर बिजली के खंभे तो है मगर इसमें बिजली नहीं है. परिणामस्वरूप कई बार शाम ढलते ही यात्री के बदसलूकी की गयी है.

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