मरीज की मौत के बाद भिड़ गये परिजन और डॉक्टर

गया : मगध मेडिकल की इमरजेंसी गुरुवार को अखाड़े में तब्दील हो गयी. जानकारी के अनुसार, फतेहपुर की जबा कुसुम देवी को खांसी-सर्दी व सांस लेने में दिक्कत की शिकायत पर एक दिन पहले इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था. गुरुवार को उनकी मौत हो गयी. उनके परिजन संतोष कुमार का आरोप है कि गुरुवार […]

गया : मगध मेडिकल की इमरजेंसी गुरुवार को अखाड़े में तब्दील हो गयी. जानकारी के अनुसार, फतेहपुर की जबा कुसुम देवी को खांसी-सर्दी व सांस लेने में दिक्कत की शिकायत पर एक दिन पहले इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था.

गुरुवार को उनकी मौत हो गयी. उनके परिजन संतोष कुमार का आरोप है कि गुरुवार को ही सीनियर डॉक्टर ने मरीज को आइसीयू में रखने की सलाह दी थी. लेकिन, उसे आइसीयू में नहीं भेजा गया.
इमरजेंसी वार्ड में ही सिस्टर ने कई तरह के इंजेक्शन दे दिये, इस कारण महिला की जान चली गयी. उन्होंने बताया कि मौत के बार उन्होंने महिला के पोते प्रद्मुन कुमार को खबर दी. प्रद्मुन ने पहुंचते ही यहां इमरजेंसी के गेट का शीशा तोड़ दिया. उसके बाद यहां के डॉक्टर उग्र हो गये और मृतक के परिजनों से हाथापाई शुरू कर दी. देखते ही देखते अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड रण क्षेत्र में तब्दील हो गया.
उन्होंने बताया कि उनके परिवार के एक लड़के ने नर्स के इंजेक्शन देने व अन्य घटनाओं का वीडियो बनाया है. उसका मोबाइल फोन छीनने के लिए कुछ लोग जोर-जबर्दस्ती करने लगे. डॉक्टर से मारपीट करते हुए उनका कपड़ा फट गया.
वहां मौजूद अन्य मरीजों व परिजनों के बीच अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. सभी इधर-उधर भागने लगे. इधर, शीशा टूटने के दौरान मृतक के एक परिजन का हाथ कट गया. इलाज के लिए घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
एक लड़के से कई लोगों द्वारा इमरजेंसी के हॉल व गलियारे में मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. हर कोई वीडियो देख कर मगध मेडिकल अस्पताल की निंदा ही कर रहा है. अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक शीशा टूटने की लिखित शिकायत भी थाने को नहीं दी है. दिन भर अस्पताल में इस मामले को लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा.
सुबह काम करने आये जूनियर डॉक्टर, झंझट के बाद लौटे वापस
दो दिनों से हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टर गुरुवार की सुबह काम पर लौट आये थे. लेकिन, दोपहर में हुए झंझट के बाद फिर वापस चले गये. अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देर शाम तक जूनियर डॉक्टरों ने काम शुरू नहीं किया.
अस्पताल अधीक्षक डॉ विजय कृष्ण प्रसाद ने कहा कि मरीज की मौत के बाद विवाद शुरू हुआ था. बाद में मामले को सलटा लिया गया है. जूनियर डॉक्टरों को काम पर वापस लाने के लिए वार्ता की जा रही है. जल्द ही स्थिति सामान्य हो जायेगी.

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