शंभुगंज : सरकार एक तरफ जहां बाल विवाह रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है. बावजूद कुछ बेसुध लोग अपनी नाबालिग पुत्री की शादी कर अपना भार उतारने पर लगे हुए हैं. ऐसा ही एक मामला प्रखंड क्षेत्र के कसबा पंचायत के चमेलीचक गांव में सामने आया है.
जहां नाबालिग छात्रा की शिकायत पर राजकीय मध्य विद्यालय कसबा के बाल संसद के पहल पर प्रधानाध्यापक अशोक कुमार व साक्षरता समन्वयक विनोद कुमार ने चमेलीचक की छात्रा की माता-पिता को समझा-बुझाकर शादी रोक देने की अपील की.
जानकारी के अनुसार 12 वर्षीय छात्रा राजकीय मध्य विद्यालय कसबा में सप्तम की छात्रा हैं, जिसके द्वारा अपने विद्यालय के बाल संसद के सदस्यों को अभी पढ़ने के बात कही और उसके पिता के द्वारा जबर्दस्ती शादी की बात कही गयी. जिसके बाद बाल संसद के द्वारा इसकी लिखित सूचना विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार को दी गयी.
बाद में छात्रा के पिता को विद्यालय बुलाकर समझाया गया, साथ ही बाल संरक्षक बांका के पदाधिकारी से बात करवायी गयी और विवाह नहीं करने को कहा गया. जिसके बाद पिता ने विवाह नहीं करने का आश्वासन दिया है. विदित हो कि नाबालिग छात्रा का विवाह शाहकुंड के एक गांव में तय कर दिया था, जिसकी बारात 13 मार्च को आने वाली थी. जबकि छात्रा इस शादी का विरोध कर रही थी.
