बांका : जार्ज टाउन गुयाना में बांका उन्नयन को लेकर इंटरनेशनल अवार्ड जीतने के बाद डीएम कुंदन कुमार रविवार की देर रात्रि में बांका पहुंचे. सोमवार को डीएम का समाहरणालय पहुंचते ही जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि व शिक्षाविदों आदि ने उन्हें फुल-माला देकर भव्य स्वागत किया. साथ ही बांका का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा करने के लिए सभी ने डीएम को ढ़ेर सारी बधाई भी दी.
बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से एसपी चंदन कुमार कुशवाहा, डीडीसी अभिलाषा कुमारी शर्मा, एसडीओ मनोज कुमार चौधरी, डीपीआरओ सुरेंद्र राय, टीओ नवल किशोर यादव, एडीएसओ अंजनी कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य प्रमुख रूप से शामिल थे. साथ ही विशेष रूप से समाहरणालय सभागार में डीएम के स्वागत समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान समाहरणालय कर्मियों ने डीएम के उपर पुष्प वर्षा भी किया गया.
मौके पर डीएम ने अपने संबोधन में कहा कि बांका उन्नयन को अंतरराष्ट्रीय अवार्ड मिलना एक बड़ी उपलब्धि है. बांका उन्नयन की इस सफलता में पूरी उन्नयन टीम, शिक्षक, छात्र-छात्राओं के साथ जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों का भरपूर सहयोग रहा है. खासकर दिल्ली आईटीएन की टीम भी बधाई के पात्र हैं. डीएम ने कहा कि सभी के सहयोग से बांका उन्नयन ने गुयाना में डंका फहराया है. आज बांका का नाम अंतराष्ट्रीय फलक पर शान से लिया जा रहा है. गुयाना में पदक मिलने के बाद तालियों की गड़गड़हाट के बीच बांका का नाम मौजूद कॉमन वेल्थ के 54 देशों के अधिकारी ले रहे थे.
जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. उन्नयन बांका अभियान को स्कूल स्तर पर क्रियान्वयन करने में शिक्षकों ने अपनी बड़ी भूमिका अदा की है. परंतु अब चुनौती और भी बड़ गयी है. उन्नयन अभियान को और गति देकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को शत प्रतिशत लागू करना इस अभियान का अहम हिस्सा है. जिसमें निरंतर सहयोग अपेक्षित है. वहीं इस दरम्यान डीएम ने गुयाना दौरा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी यादों को साझा किया. कहा कि विदेश में भारत व खासकर बिहार का काफी सम्मान है. वहां उनकी सभी भावनाओं का ख्याल रखा गया.
प्रशासनिक अधिकारी से लेकर वहां की जनता हमेशा सहयोग के लिए खड़ी दिखी. बिहारी भोजन से लेकर शॉपिंग तक में भी गुयाना सरकार का सहयोग मिला. खास यह भी कि गुयाना में बिहार व देश के काफी लोग रहते हैं. जिनका सानिध्य प्राप्त हुआ. इस अवसर पर जिला प्रशासन के सभी वरीय अधिकारी व कर्मी मौजूद थे.
गुयाना में बिहारी पकौड़ी और फगुआ है प्रचलित
डीएम ने कहा कि गुयाना में बिहारी कल्चर दिखने को मिला. खासकर फगुआ यानि होली, पकौड़ी व डब्बू-दलघटनी जिससे दाल व सब्जी निकालते हैं काफी प्रचलन में है. इस बात से उन्हें काफी खुशी हुयी कि दूर देश में भी बिहारी भाषा व परंपरा दिखने को मिला. इसके अलावा भी कई घटनाओं ने उन्हें विदेश में भी देशी का एहसास कराया. वहां उन्होंने शिक्षा गतिविधि व प्रशासनिक क्रियाकलाप की भी थोड़ी बहुत जानकारी ली.
