शहर में धड़ल्ले से बिक रही घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री

शहर में धड़ल्ले से बिक रही घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री आम लोगों के स्वास्थ्य से हो रहा िखलवाड़ बांका : जिले में इन दिनों घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है. परंतु जिला प्रशासन की ओर से इसके रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठा जा रहे हैं. जिसकी वजह से […]

शहर में धड़ल्ले से बिक रही घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री

आम लोगों के स्वास्थ्य से हो रहा िखलवाड़
बांका : जिले में इन दिनों घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है. परंतु जिला प्रशासन की ओर से इसके रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठा जा रहे हैं. जिसकी वजह से जनता में घोर आक्रोश व्याप्त है. मौजूदा समय में सरसों के मिलावटी तेल का कारोबार खूब फल फूल रहा है. यदि आप पीले रंग के किसी भी तेल को शुद्ध सरसों का तेल समझकर खरीदते हैं तो थोड़ी सावधानी बरतें. इस समय बाजार में नकली सरसों के तेल की बिक्री खूब हो रही है. यह मिलावटी तेल ब्रांडेड कंपनी की बोतल और टीन में रैपर लगाकर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है. तेल माफिया सरसों के तेल में मिलावट करके जहां लाखों का कारोबार कर मोटी कमाई कर रहे है.
वहीं जनता की जेब पर डाका और स्वास्थ्य से सरेआम खिलवाड़ हो रहा है. जबकि कानपुर,भरतपुर,राज्यस्थान, जयपुर से आने वाले ब्रांडेड तेल का अब नकल बंगाल से आने वाले मिलावटी तेल कर रहे हैं. तेल की शुद्धता मापने के लिए किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है. जानकारों की मानें तो क्रेता प्राथमिक जांच कर इसकी पहचान कर सकते हैं. तेल को कुछ समय के लिए फ्रिज में रखना होगा. फ्रिज में तेल रखते ही यह वनस्पति घी की तरह जम जायेगा. इससे यह प्रतित हो जायेगा की यह मिलावटी व घटिया है. जानकारी के मुताबिक मिलावटी तेल शहर से लेकर गांव में धड़ल्ले से बिक रहा है. व्यवसाय से जुड़े लोग बताते हैं कि पर्व त्योहार के मौके पर मिलावटी खाद्य सामग्री प्रचुर मात्रा में बेची जाती है. कई दुकानदार मोटी कमाई करने के लिए कम दाम के तेल को बेच रहे हैं. वहीं तेल के थोक विक्रेता संजय तिवारी ने बताया कि यदि शुद्ध सरसों का तेल बेचा जाये तो 90 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम का पड़ता है.
आटा, चावल से लेकर मसाले में भी मिलावट : मिलावटी का गौरखधंधा केवल सरसों तेल ही नहीं बल्कि आटा, चावल व मसाले में भी खूब दिख रही है. ऐसे खाद्य पदार्थ में घटिया व सामान्य तरह के दिखने वाले चीजों को मिला कर बेचा जा रहा है. नतीजतन, लोगों के स्वास्थ्य बुरा असर पड़ रहा है. लोग तरह-तरह के गंभीर बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं. ग्राहक अविलंब प्रशासन से घटिया सामग्री की जांच के बाद दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि आम लोगों को गंभीर बीमारी से बचाये जा सके.
नकली तेल से आंत में होता है इंफेक्शन
मिलावटी तेल व घटिया खाद्य सामग्री के इस्तेमाल से फूड प्वायजनिंग, आंतों का इंफेक्शन और अन्य पेट संबंधी गंभीर बीमारी हो सकती है. लंबे समय तक इसके प्रयोग से लीवर डैमेज होने का खतरा बना रहता है.
डॉ सुनील कुमार चौधरी, सदर अस्पताल, बांका.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >