परेशानी. जिले में सोमवार को औसतन 57.69 मिली मीटर हुई बारिश, अस्त-व्यस्त हुआ जनजीवन
रविवार से लगातार हो रही बारिश से सोमवार को जहां पूरा शहर जलमग्न हो गया वहीं शहरवासी 1995 में आयी तबाही को याद कर दोबारा भयभीत होने लगे.
बांका : लगातार मूसलाधार बारिश की वजह से सोमवार को घर-घर पानी-पानी हो गया. करीब सात घंटे हुई बारिश से कमोबेश सभी मोहल्ले में बाढ़ जैसी स्थिति बनी रही. दो घंटे निरंतर बारिश से घर में कमर भर पानी जमा हो गया. निकासी की सुदृढ़ व्यवस्था नहीं होने की वजह से घरवालों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी. इस दरम्यान घर में रखे चारपाई, पलंग, बिछावन, किताब व कीमती सामान पानी का भेंट चढ़ा गया. नाली भी पूरी तरह जलमग्न हो गया था. जबकि सड़क पर भी पानी भर गया था. नतीजतन, पूरे शहर में कई घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा. जानकारी के मुताबिक खास नुकसान बाबूटोला के वार्ड नंबर सात,
छह व विजयनगर, कचहरी कैंपस, पुरानी बस स्टैंड, आरमएके मैदान सहित अन्य हिस्से में पानी ही पानी नजर आ रहा था. इन मोहल्ले में कमोबेश सभी के घर में पानी घुस गया था. इसके अलावा अलीगंज की भी स्थिति जस की तस देखी गयी. एक तरफ पानी घर के अंदर जमा हो रहा था, तो दूसरी ओर घर की महिलाएं और अन्य सदस्य खुद की जान बचाने के साथ कीमती समान को सुरक्षित रखने में जुटे हुए थे. इस दरम्यान प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की कोई मदद पीड़ित परिवार तक नहीं पहुंची. वार्ड नंबर छह निवासी संजय झा व अधिवक्ता राजेंद्र झा के घर में कमर से ऊपर तक पानी बहने लगा. घर के सदस्य आनन-फानन में छत पर चढ़ गये. रोहित कश्यप सहित अन्य की मानें तो लाखों का सामान नष्ट हो गया है. जिसमें कई कीमती व उपयोगी किताबें भी थीं. यही स्थिति वार्ड नंबर सात निवासी अशोक सिन्हा व सुनील सिन्हा के घर में भी थी. पानी रूम व रसोइ घर में पहुंच गया. सभी जरूरी सामान पानी में डूब कर बर्बाद हो गया. आनन-फानन में सभी ने बाल्टी व अन्य सामान से पानी को घर से बाहर निकाला. वहीं इस बारिश में जेल कैंपस के पीछे साइड एक दीवार भी ढह गयी. जानकारी के मुताबिक जिले में औसतन बारिश 57.69 मिमी बारिश हुई. जबकि बांका व बाराहाट में रिकार्डतोड़ बारिश 124 एमएम के उपर मापी गयी.
