वन विभाग 1000 हेक्टेयर में करायेगा जल संरक्षण

बांका : वन विभाग पहाड़ी व जंगली क्षेत्र में जल स्तर की वृद्धि के लिए वृहत कार्ययोजना पर काम करेगी. विभाग वित्तीय वर्ष 2017-18 में एक हजार हेक्टयर भूमि में मृदा व जलसंरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर चेक डैम का निर्माण कराएगी. जिला से प्रस्ताव पारित कर अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यालय के समक्ष […]

बांका : वन विभाग पहाड़ी व जंगली क्षेत्र में जल स्तर की वृद्धि के लिए वृहत कार्ययोजना पर काम करेगी. विभाग वित्तीय वर्ष 2017-18 में एक हजार हेक्टयर भूमि में मृदा व जलसंरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर चेक डैम का निर्माण कराएगी. जिला से प्रस्ताव पारित कर अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है. विभागीय हरी झंडी मिलने के साथ ही इस येाजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा. मृदा एवं जल संरक्षण के लिए प्रथम चरण में पांच क्षेत्रों का चयन किया गया है.

एक हजार हेक्टेयर को पांच इकाई में विभाजित कर निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक इस योजना में करीब दो करोड़ की राशि खर्च होगी. विभागीय अधिकारी की मानें तो वर्षा जल कई क्षेत्रों में व्यापक तौर पर मिट्टी को बहाकर ले जाती है. जिसकी वजह से कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती है. साथ ही सबसे बड़ी कठिनाई गर्मी के मौसम में आसपास के ग्रामीणों को होती है. गर्मी आते ही पहाड़ी क्षेत्रों का जलस्तर काफी नीचे सरक जाता है. नतीजतन, आम लोगों के साथ ही जंगली जानवरों को भी पेयजल की विकट समस्या से जूझना पड़ता है. ऐसे में चेक डैम न केवल पानी को रोकेगा, बल्कि मृदा को भी मजबूती प्रदान देगी.

चेक डैम पहाड़ से नीचे गिरने वाले पानी को एक जगह जमा करेगा: मृदा एवं जलसंरक्षण का काम वैसे क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ शुरु की जाएगी, जहां वाटर लेवल न्यूनतम आंकी जा रही है. जानकारी के मुताबिक पहाड़ी के उपरी सिमाना से छोटे-छोटे चेक डैम बनाए जाएंगे. जबकि पहाड़े की नीचले इकाई में एक बड़ा सिमेंट का चेक डैम का निर्माण किया जाएगा, जहां पानी पहाड़ व मिट्टी के चेक डैम से निकलकर बड़े चेक डैम में जमा हो जाएगा.
मृदा जल-संरक्षण के लिए पांच क्षेत्र चयनित
खेती व जंगली जानवर के लिए वरदान साबित होगी योजना
1000 हेक्टेयर मृदा एवं जलसंरक्षण का काम पूरा होने के बाद आसपास के खेतों में सिंचाई की व्यवस्था मजबूत होगी. साथ ही पहाड़ी इलाके का जलस्तर भी बना रहेगा. ताकि गर्मी के मौसम में पेयजल की कठिनाई ग्रामीणों को न हो. इसके अलावा जल संरक्षण होने के साथ जंगली जानवरों को पीने का पानी हर स्थान पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगा.
संरक्षण के चयनित क्षेत्र
प्रखंड चयनित एरिया हेक्टेयर
कटोरिया दो 400
बांका दो 400
बौंसी एक 200
चालू वित्तीय वर्ष में करीब 1000 हेक्टेयर में मृदा एवं जलसंरक्षण पर कार्य किया जाएगा. इसके लिए कटोरिया व बांका के दो-दो जंगली क्षेत्रों का चयन किया गया है. जबकि बौंसी के एक क्षेत्र में इस योजना के तहत चेक डैम का निर्माण कराया जाएगा. प्रस्वाव पर विभागीय स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरु कर दिया जाएगा.
शशिकांत, वन प्रमंडल पदाधिकारी, बांका

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