सीएम के इस्तीफे से बांका में हलचल

सरगरमी . महागबंधन के टूटने से बदलने लगी जिले की हवा, चर्चाओं का बाजार गरम जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे व भाजपा के साथ मिल कर फिर से सरकार बनाने के मुद्दे पर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है. बांका : नीतीश कुमार के इस्तीफे […]

सरगरमी . महागबंधन के टूटने से बदलने लगी जिले की हवा, चर्चाओं का बाजार गरम

जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे व भाजपा के साथ मिल कर फिर से सरकार बनाने के मुद्दे पर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है.
बांका : नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बांका की सियासत में कई तरह के चर्चे आम जुबान पर चस्पां हो गयी है. महागबठंधन टूटने के बाद बांका की सियासत की धारा किस ओर बहेगी यही चर्चा हो रही है. ज्ञात हो कि महागबठंधन के तहत नीतीश, लालू व कांग्रेस एक साथ मिल कर चुनावी मैदान में कूदे थे. इसमें महागबठंधन को भारी समफलता मिली थी. मसलन पांच विधानसभा सीट में कटोरिया, धोरैया, बेलहर व अमरपुर की सीट महागठबंधन की झोली में गिरी थी.
भाजपा एक मात्र बांका विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी. अब अगर, महागठबंधन से टूट कर जदयू अलग होती है, तो यहां की सियासत पूरी तरह बदल जायेगी. आगामी लोकसभा को लेकर अभी से ही बहुत तरह की बात सामने आ रही है. लिहाजा, ऐसी बात की जा रही है कि अगर भाजपा-जदयू एक साथ आती है, तो लोकसभा की सीट किस दल को यहां मिलेगी.
जानकारी के मुताबिक भाजपा ने यहां जदयू व राजद के विरुद्ध अपने दल से उम्मीदवार खड़ा किया था. नये समीकरण होने पर लोकसभा के कई उम्मीदवार सामने आ सकते हैं. भाजपा सूत्र की मानें तो भाजपा-जदयू एक साथ आने के बाद लोकसभा से लेकर आने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीएम को भारी सफलता मिलेगी. जब एनडीएम में नीतीश साथ थे, तो एनडीएम का झंडा चहुंओर फहरा था. जबकि राजद के नेताओं की मानें तो जदयू के अलग होने से उन्हें किसी भी प्रकार की कोई क्षति नहीं होगी. सभी जाति व धर्म की जनता आज भी लालू यादव के साथ खड़ी है. एक नेता ने यहां तक कह दिया कि राजद के ही बदौलत नीतीश कुमार सीएम की कुरसी पर बैठ पाए. राजद के विधायकों की संख्या जदयू से ज्यादा थी.
िजले के पांच विधानसभा सीटों में से पांच पर महागठबंधन व एक पर है भाजपा
कांवरिया सर्किट निर्माण की आधारशिला अधर में
जिला क्षेत्र के चिहूंजोर कांवरिया पथ पर निवर्तमान पर्यटन मंत्री अनिता कुमारी 27 जुलाई को 52 करोड़ की लागत से कांवरिया सर्किट की आधारशीला रखने का कार्यक्रम पूर्व से तय था. लेकिन, मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद कार्यक्रम पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. अाधिकारिक सूत्रों की मानें तो यह कार्यक्रम स्थगति हो सकता है. जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम को लेकर इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी थी. यहां तक सभी जगह आमंत्रण कार्ड भी वितरित कर दिए गये थे. कार्यक्रम में स्थानीय सांसद जयप्रकाश नारायण यादव व सभी विधायकों का शामिल होना भी तय था.
एकाएक सभी विधायक चले गये पटना
नीतीश कुमार के इस्तीफे के पूर्व ही सभी पांचों विधायक पटना पहुंच गये. बुधवार देर शाम तक विभिन्न पार्टी में उनकी बैठक चलती रही. इससे भी जिले के नेताओं व आम लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थी.

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