युवक की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन एक्शन मोड में, डॉक्टर को 24 घंटे में जवाब देने का अल्टीमेटम

Aurangabad News: सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद दाउदनगर अनुमंडल अस्पताल की लापरवाही पर सवाल उठे हैं. घटना के बाद प्रभारी डीएस डॉ. शांता कुमारी ने संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है.

Aurangabad News(ओम प्रकाश): सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक की पटना ले जाने के दौरान हुई मौत के बाद दाउदनगर अनुमंडल अस्पताल प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. घटना के बाद अस्पताल की कार्यशैली और चिकित्सकीय व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. शांता कुमारी ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. विकास कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है.

मृतक के परिजनों का आरोप

जारी नोटिस में कहा गया है कि मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अनुमंडल अस्पताल में घायल युवक को समुचित इलाज नहीं मिला. हालत बिगड़ने के बाद उसे पटना रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद प्रभारी उपाधीक्षक ने मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिया

अस्पताल की छवि सुधारने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से डॉ. शांता कुमारी ने बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने विभाग से अस्पताल के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराने की मांग की है. तब तक के लिए उन्होंने अपना निजी मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिया है, ताकि मरीज और उनके परिजन सीधे अपनी शिकायत या समस्या उनसे साझा कर सकें. इसके अलावा अस्पताल प्रबंधक ठाकुर चंदन सिंह का मोबाइल नंबर भी अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार, इमरजेंसी वार्ड और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर प्रमुखता से चस्पा कराया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इससे मरीजों को तत्काल सहायता मिलेगी और शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा.

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शांता कुमारी ने कहा कि अस्पताल में कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से नहीं आता, बल्कि लोग दर्द और मजबूरी की स्थिति में यहां बड़ी उम्मीद लेकर पहुंचते हैं. उन्होंने सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को उनकी नैतिक और पेशेवर जिम्मेदारियों का एहसास कराते हुए स्पष्ट कहा कि अनुमंडल अस्पताल पूरे दाउदनगर क्षेत्र की “लाइफ लाइन” है और यहां ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

Also Read: होटल में बाल श्रम का खुलासा, छापेमारी में एक नाबालिग मुक्त

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Kumarsuryakant

सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे गया, औरंगाबाद, कैमूर और बक्सर जिलों की स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >