मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से महिलाएं बनेंगी स्वावलंबी : डीएम

ग्राम संगठन से मिले आवेदन पत्र ही मान्य, लाभार्थी का बैंक खाता आधार नंबर से जुड़ा व सक्रिय रहना अनिवार्य

ग्राम संगठन से मिले आवेदन पत्र ही मान्य, लाभार्थी का बैंक खाता आधार नंबर से जुड़ा व सक्रिय रहना अनिवार्य

औरंगाबाद शहर. बिहार सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शुरू की गयी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से महिलाएं स्वावलंबी बनेंगी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार से जोड़कर आर्थिक मजबूती प्रदान करना है. ये बातें डीएम श्रीकांत शास्त्री ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कही. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं इससे जुड़ सकती हैं. योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये तक की राशि प्रथम किस्त में दी जायेगी. रोजगार शुरू करने के बाद आवश्यकता अनुसार दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करायी जायेगी. डीएम ने योजना से जुड़ने को लेकर अहम बातों की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि केवल ग्राम संगठन द्वारा उपलब्ध आवेदन पत्र ही मान्य होंगे. लाभार्थी का बैंक खाता, आधार नंबर से जुड़ा और सक्रिय रहना अनिवार्य है. राशि का भुगतान डीबीटी के जरिये सीधे बैंक खाते में होगा. लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जिनमें आवेदिका और उसके पति आयकर दाता या सरकारी सेवा (नियमित/संविदा) में न हों. योजना से जुड़ने के लिए महिला की उम्र 18 से 60 वर्ष होनी चाहिए.

कोई पैसा मांगे तो करें शिकायत

योजना में किसी भी प्रकार का शुल्क या राशि नहीं ली जायेगी. यदि कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल ग्राम संगठन, जीविका के प्रखंड या जिला कार्यालय, बीडीओ, डीडीसी व डीएम के कार्यालय में की जा सकती है. सहयोग एवं शिकायत के लिए संपर्क नंबर तथा इमेल भी जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और रोजगार के नये अवसर प्राप्त करेंगी.

लाभ लेने के लिए जीविका समूह से जुड़ना अनिवार्य

डीएम ने इस योजना से जुड़ने की प्रक्रिया व शर्तें भी बतायी. कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ना अनिवार्य होगा. जो महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी नहीं है वे सबसे पहले स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के लिए अपना आवेदन संबंधित ग्राम संगठन में निर्धारित प्रपत्र में करेंगी. जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सभी महिलाएं इस योजना की पात्र होंगी. ग्राम संगठन के बाहर संग्रह किया जा रहा या लिया गया आवेदन स्वीकार नहीं होगा. उन्होंने बताया कि इस योजना में मात्र ग्राम संगठन द्वारा उपलब्ध कराये गये आवेदन प्रपत्र ही मान्य होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >