Aurangabad NH-139 Accident : औरंगाबाद जिले के रिसियप थाना क्षेत्र में मंगलवार की देर शाम हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में इडली बेचकर घर लौट रहे एक युवक की जान चली गई. हादसे के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव को अंबा मुख्य चौक पर रखकर करीब दो घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस पर घायल युवक को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाने का गंभीर आरोप भी लगाया गया.
मृतक की पहचान सिमरा थाना क्षेत्र के नैन बिगहा गांव निवासी प्रमोद माली के 25 वर्षीय पुत्र राकेश कुमार के रूप में हुई है. राकेश अंबा बाजार के देव रोड स्थित एक किराये के मकान में रहकर घूम-घूमकर इडली बेचता था और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था.
विपरीत दिशा से आए वाहन ने मारी जोरदार टक्कर
जानकारी के अनुसार राकेश मंगलवार की रात रिसियप इलाके में इडली बेचने के बाद मोपेड से अंबा लौट रहा था. इसी दौरान धनु बिगहा और बभंडीह गांव के बीच एनएच-139 पर विपरीत दिशा से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसकी मोपेड में जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और परिजनों को सूचना दी गई. परिजन घायल राकेश को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल लेकर निकले, लेकिन चतरा मोड़ के समीप रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
अंबा चौक पर शव के साथ सड़क जाम और प्रदर्शन
युवक की मौत से आक्रोशित परिजन पोस्टमार्टम कराने से पहले ही शव को अंबा मुख्य चौक पर ले आए और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. करीब दो घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि हादसे के बाद रिसियप थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी, लेकिन घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने के बजाय उसे वहीं छोड़कर लौट गई. उनका कहना था कि यदि पुलिस समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी.
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ जाम सड़क जाम की सूचना मिलते ही अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से बातचीत कर सरकारी मुआवजा दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया. काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और जाम समाप्त किया गया. इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया. थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
परिवार समेत पूरे इलाके में फैला मातम
राकेश कुमार तीन भाइयों में सबसे बड़ा था. करीब पांच वर्ष पूर्व उसका विवाह हुआ था और उसके दो छोटे बच्चे हैं. उसकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक की मां सरिता देवी वार्ड सदस्य हैं. बेटे की मौत के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं नैन बिगहा गांव में भी इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम दिखाई दे रही है.
