शराब की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने किया हमला

पुलिस को देखते ही धंधेबाजों ने चोर-चोर का मचाया शोर, लाठी-डंडे के साथ बरासाये ईंट-पत्थर, दो सिपाही जख्मी, कई चोटिल, 14 लोगों की हुई गिरफ्तारी, अन्य की तलाश जारी

औरंगाबाद कार्यालय. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नथुनी बिगहा गांव में शराब बिक्री की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला होने का मामला प्रकाश में आया है. यह घटना 9 जनवरी, यानी शुक्रवार की देर शाम की है. इस घटना में एक सिपाही और एक चालक सहित दो लोग घायल हुए हैं. कुछ अन्य पुलिस कर्मियों को भी चोटें आयी हैं. बड़ी बात यह है कि पुलिस पर लाठी-डंडे से हमला किया गया और सरकारी वाहन को भी उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया. जानकारी मिली कि पुलिस किसी तरह वहां से निकलने में कामयाब हो गयी, जिसके बाद घायलों का इलाज कराया गया.

घटना से संबंधित प्राथमिकी दर्ज, कई बने आरोपित

इस घटना से संबंधित प्राथमिकी मुफस्सिल थाना में पदस्थ अवर निरीक्षक अभिषेक कुमार ने दर्ज करवाई है. प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि नौ जनवरी को विशेष छापेमारी अभियान के तहत प्रशिक्षु अवर निरीक्षक राजेश कुमार, सिपाही अजीत आनंद, विकास कुमार, गृहरक्षक चंचला कुमारी, राजेश कुमार और स्थानीय चौकीदार अरविंद कुमार के साथ शाम करीब छह बजे थाना से निकले थे. जैसे ही मंजुराही पहुंचे, उन्हें गुप्त सूचना मिली कि नथुनी बिगहा में विभिषण राम के पुत्र सुरेंद्र राम अपने घर में शराब बेच रहा है. थानाध्यक्ष को सूचना दी गई और अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश के आलोक में पुलिस टीम सुरेंद्र राम के घर पहुंची. पुलिस ने दरवाजा खोलने का अनुरोध किया, लेकिन घर के अंदर से आठ-नौ लोग शराब के नशे में बाहर निकले और अपशब्दों का प्रयोग करने लगे. जब उन्हें मुफस्सिल थाने से आने और घर में शराब रखने पर पूछताछ की गयी, तो उक्त लोगों ने चोर-चोर का शोर मचाया. समझाने का प्रयास किया गया, इसी क्रम में सुरेंद्र राम ने जान मारने की नियत से सिपाही अजीत आनंद को लाठी से मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. सिर में अंदरूनी चोटें आयी. इसके बाद जख्मी सिपाही को लेकर पुलिस गाड़ी में बैठ रही थी, तभी 20-25 की संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. पुलिस टीम पर हमला करने वालों की पहचान चौकीदार अरविंद कुमार द्वारा की गयी. इनमें सुरेंद्र राम, उसका पुत्र पिन्टु राम, पत्नी, भाई और ग्रामीण शिव राम, अशोक राम, गणेश राम, सतीश कुमार, धनजय राम शामिल थे. इसके अलावा 10 से 15 अज्ञात पुरुष और महिलाएं ईंट-पत्थर चला रहे थे. सरकारी वाहन के दाहिने और बाएं पक्ष तथा आगे का शीशा टूटने से चालक गृहरक्षक प्रमोद कुमार सिंह घायल हो गए. आरोपितों ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की.

14 लोगों की हुई गिरफ्तारीपुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें फदुली राम के पुत्र बभीषण राम, सारिका राम, बभीषण के पुत्र सुरेंद्र राम, रामसुंदर राम, अरविंद राम के पुत्र रंजन कुमार, रंजीत कुमार, परिखा राम के पुत्र अरविंद राम, रामस्वरूप राम के पुत्र राहुल कुमार, रोहित कुमार, सटिका राम के पुत्र अजय राम, राजेंद्र राम के पुत्र अशोक राम, अरुण राम, पप्पू कुमार और सुरेंद्र राम की पत्नी शांति देवी शामिल हैं. मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी जारी रखे हुए है.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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