VHP Foundation Day: औरंगाबाद जिले के मदनपुर स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर प्रांगण में विश्व हिंदू परिषद् (विहिप) का स्थापना दिवस समारोह श्रद्धा एवं उत्साह के वातावरण में आयोजित किया गया. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन संत किशोरी दास जी, ब्रह्माकुमारीज की ओर से ओम शांति की बहन प्रियंका दीदी तथा समाजसेवी ज्ञानदत्त पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सनातन धर्म के मूल्यों को आत्मसात करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई.
राष्ट्र रक्षा की तरह गोवंश संरक्षण भी जरूरी
समारोह को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद् के जिला सह मंत्री नवीन पाठक ने संगठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि "भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर वर्ष 1964 में मुंबई के संदीपनी आश्रम में विश्व हिंदू परिषद् की स्थापना की गई थी." उन्होंने आगे कहा कि "परिषद् अपने स्थापना काल से ही धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है. जिस प्रकार राष्ट्र और अपनी भूमि की रक्षा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गोवंश की रक्षा के लिए भी पूरे समाज को पूरी निष्ठा के साथ संकल्पित होना होगा."
संगठित प्रयास से ही संभव है गौ रक्षा
धर्म प्रसार के जिला प्रमुख राम पुकार सिंह ने अपने संबोधन में धार्मिक ग्रंथों और ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि "भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं अपने जीवन के माध्यम से संपूर्ण मानवता को गौ सेवा और गौ रक्षा का पावन संदेश दिया था." उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि "समय के साथ समाज गौ माता के मूल महत्व को विस्मृत करता गया, जिसके कारण आज भी कई विसंगतियां देखने को मिलती हैं. गोभक्तों के निस्वार्थ और संगठित प्रयास से ही गोवंश के संरक्षण का वास्तविक लक्ष्य हासिल किया जा सकता है."
गोवंश संरक्षण संकल्प दिवस मनाने का किया आह्वान
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख समाजसेवी ज्ञानदत्त पांडेय ने इस वर्ष के स्थापना दिवस को विशेष रूप से 'गोवंश संरक्षण संकल्प दिवस' के रूप में मनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि "भारतीय संस्कृति और परंपरा में गाय को सदैव से पूजनीय और सर्वोपरि स्थान प्राप्त रहा है. गोवंश के संरक्षण और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक चेतना के साथ-साथ प्रभावी नियम-कानून बनाए जाने की भी महती आवश्यकता है."
समारोह में प्रबुद्धजन और मातृशक्ति रही मौजूद
इस स्थापना दिवस कार्यक्रम में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग सम्मिलित हुए. मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद् के आजीवन हितचिंतक जितेंद्र सिंह परमार, पूर्व प्रधानाचार्य अर्जुन चौधरी, धर्म प्रसार के प्रखंड धर्म रक्षक दिलीप प्रसाद और मिथिलेश कुमार मौजूद रहे. इनके अलावा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर गोवंश संरक्षण के संकल्प का पूर्ण समर्थन किया.
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