भतीजी की डोली उठने से पहले उठी चाचा की अर्थी, गम में बदला खुशी का माहौल

29 अप्रैल को तिलक का रस्म हुआ था पूरा, पांच को थी शादी

29 अप्रैल को तिलक का रस्म हुआ था पूरा, पांच को थी शादी कुटुंबा. विधि का विधान टालने से भी नहीं टल सकता. होनी होकर ही रहती है, जिसे लोग अनहोनी कहते है. ऐसी घटना कुटुंबा प्रखंड के सूही गांव में देखने को मिला. उक्त गांव के रामप्रवेश मिस्त्री के घर उनकी पोती यानी राकेश शर्मा की बेटी की शादी होनी थी. इसकी सारी तैयारी पूरी कर ली गयी थी. वैवाहिक कार्यक्रम को लेकर परिजनों के मन में काफी उमंग था. शादी के आयोजन को लेकर उनके घर सगे संबंधी इकट्ठे होने लगे थे. मांगलिक गीत गूंज रहे थे. 29 अप्रैल मंगलवार को तिलकोत्सव का रस्म पूरा किया गया था. इधर, पांच मई को उनके घर में राकेश की बड़ी बेटी की शादी होनी थी. सभी परिजन बारात के स्वागत की तैयारी में जुट गये थे. इसी बीच रामप्रवेश मिस्त्री के छोटे बेटे यानी दुल्हन के चाचा अर्जेश शर्मा (30 वर्ष) की बुधवार को अचानक मौत हो गयी. भतीजी की डोली उठने से पहले चाचा की अर्थी उठने से घर की खुशी का माहौल गम में बदल गया. घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है. उसकी पत्नी संजू देवी के अलावा अन्य परिजन तथा अबोध बच्चे रोते-रोते बेहाल है. अर्जेश चार भाइयों में सबसे छोटा था. काफी दिनों के बाद उनकी घर में बेटी की शादी होनी थी. राकेश के चारों भाई आपस में मिल-जुलकर बेटी की शादी कर रहे थे. इसी बीच बड़ी घटना हो गयी. घटना के बाद मृतक के घर सांत्वना देने पहुंचे लोग भी स्वजनों के चीत्कार से भावुक हो जा रहे है. मृतक की बड़ी बेटी आठ साल की है तथा दूसरी बेटी पांच वर्ष और एक तीन साल का बेटा है. सभी बच्चे अबोध है. युवक की मौत के बाद उसके आश्रितों पर दुख का पहाड़ टूट गया.

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By Sujit kumar

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